शुद्ध के लिए युद्ध अभियान जारी

Share

तीन प्रतिष्ठानों के लायसेंस निरस्त , एक के खिलाफ एफआईआर दर्ज 

इंदौर। प्रदेश में किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और कीटनाशी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा खाद-बीज सघन जाँच अभियान के तहत इंदौर जिले में भी उर्वरक और कीटनाशक विक्रेताओं की दुकानों और गोदामों का निरीक्षण कर संबंधितों को कारण बताओ सूचना पत्र, लायसेंस निरस्तीकरण और एफआईआर की प्रभावी कार्रवाई की गई है. इस संबंध में श्री विजय चौरसिया, उप संचालक कृषि, इंदौर ने कृषक जगत को बताया कि जाँच अभियान के तहत विभाग द्वारा अब तक 37 बीज दुकानों का निरीक्षण किया और 31 नमूने एकत्रित किए गए इसी तरह उर्वरक की 38 दुकानों का निरीक्षण कर 31 नमूने लिए गए. कीटनाशक विक्रेताओं की 31 दुकानों का निरीक्षण किया और 16  नमूने एकत्रित किए गए. 8 दुकानदारों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए. 3 प्रतिष्ठानों एग्री प्रोड्यूसर कम्पनी महू, मॉडर्न एग्री जेनेटिक्स नेमावर और एडवांस माइक्रो फर्टिलाइजर प्रा.लि.इंदौर के लायसेंस निरस्त किए गए. वहीं  देपालपुर सहकारी संस्था में महाधन फॉस्फेट प्राइवेट लिमिटेड सगवाडिया, निम्बाहेड़ा द्वारा भेजे गए उर्वरक के लिए गए नमूनों को  जबलपुर उर्वरक गुण नियंत्रण प्रयोगशाला में भेजा गया था, वहां की रिपोर्ट में उर्वरक को अमानक घोषित किया गया.वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी इंदौर की निरीक्षण रिपोर्ट में सिंगल सुपर फॉस्फेट की बोरियाँ भी मानक स्तर 50 किलोग्राम से कम वजऩ अर्थात 45 किलोग्राम की पाई गई. इस पर उक्त कम्पनी के खिलाफ  उर्वरक नियंत्रण आदेश (1985 ) की धारा 19 (a)(b) एवं  आवश्यक वस्तु  अधिनियम की धारा 3/7 के तहत गत दिनों देपालपुर थाने में  एफआईआर दर्ज कराई गई है. उक्त कंपनी पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (1955) तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश (1985) के अंतर्गत भी पृथक से आवश्यक कार्यवाही की जा रही है.

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.