राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

विजयवाड़ा में टीसीडी की वार्षिक बैठक: भारत में पशुधन एवं दुग्ध उत्पादन आंकड़ों में सुधार पर जोर  

24 जनवरी 2026, इंदौर: विजयवाड़ा में टीसीडी की वार्षिक बैठक: भारत में पशुधन एवं दुग्ध उत्पादन आंकड़ों में सुधार पर जोर पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन से जुड़े आंकड़ों को अधिक सटीक, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत तकनीकी दिशा-निर्देश समिति (टीसीडी) की वार्षिक बैठक 22–23 जनवरी, 2026 को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में सफलतापूर्वक आयोजित की गई।

बैठक का उद्घाटन आंध्र प्रदेश सरकार के पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, विकास एवं मत्स्य पालन विभाग के पदेन विशेष मुख्य सचिव श्री बी. राजशेखर, आईएएस ने किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के महानिदेशक (सांख्यिकी) एवं टीसीडी के अध्यक्ष श्री काल सिंह तथा पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन विभाग (DAHD) के सलाहकार जगत हजारिका भी उपस्थित रहे।

डेटा कमियों की पहचान और सुधार पर मंथन

बैठक में समिति के प्रमुख उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में मौजूद डेटा कमियों की पहचान, सुधारात्मक उपायों की सिफारिश, केंद्रीय व राज्य निकायों द्वारा अपनाई जाने वाली सांख्यिकीय पद्धतियों पर विचार-विमर्श तथा नमूना सर्वेक्षण और पशुधन जनगणना के प्रभावी आयोजन के लिए मार्गदर्शन शामिल रहा।

2025-26 के लिए लक्ष्य तय

टीसीडी ने प्रमुख पशुधन उत्पाद अनुमानों की समीक्षा करते हुए वर्ष 2025-26 के लिए लक्ष्य निर्धारित किए। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, राजस्थान, केरल, उत्तराखंड और मिजोरम सहित पांच राज्यों ने अपने-अपने राज्यों में अपनाई गई सर्वोत्तम सांख्यिकीय प्रथाओं को साझा किया। विशेष रूप से पशुधन वृद्धि के लिए आंध्र प्रदेश की अभिनव रणनीतियों को सराहा गया।

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राष्ट्रीय स्तर पर तैयार हुआ रोडमैप

बैठक के दौरान एकीकृत नमूना सर्वेक्षण और पशुधन जनगणना को देशभर में लगातार अपनाने के लिए एक राष्ट्रीय रोडमैप तैयार किया गया। खुली चर्चाओं के बाद डेटा की गुणवत्ता में सुधार, तकनीकी एकीकरण और डिजिटल प्रणाली को मजबूत करने पर सभी पक्षों में सहमति बनी।

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डिजिटल डेटा संग्रह पर जोर

बैठक की प्रमुख उपलब्धियों में आईसीएआर–आईएएसआरआई द्वारा विकसित ईएलएसआईएसएस (ELSISS) सॉफ्टवेयर का प्रदर्शन शामिल रहा, जिसके माध्यम से एकीकृत नमूना सर्वेक्षण में रीयल टाइम डिजिटल डेटा संग्रह को संभव बनाया जा सकेगा। इसके अलावा मोएसपीआई, आरबीआई और एफएओ जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

नीति और पोषण सुरक्षा के लिए अहम

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि मजबूत, पारदर्शी और तकनीक-आधारित पशुधन डेटा प्रणाली न केवल नीति निर्माण बल्कि आजीविका और पोषण सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। वैश्विक कृषि सांख्यिकी और नीति निर्धारण में इन आंकड़ों की भूमिका को देखते हुए टीसीडी ने इस विषय पर आगे गहन अध्ययन करने का निर्णय लिया।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में आईसीएआर, राज्य सरकारों और विभिन्न संस्थानों के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें डॉ. तौकीर अहमद (आईसीएआर–आईएएसआरआई), श्री आरपीएस राठौर, डॉ. टी. दामोदर नायडू, डॉ. जी. लथमंगेशकर, डॉ. सुरेश चंद्र मीना, डॉ. मेम्पल सिंह, डॉ. परमदीप सिंह वालिया, डॉ. किर्ज़ांग चुकी, डॉ. नीरज कुमार चंचल, डॉ. निखिल कुमार शिट और डॉ. पल्लवी चव्हाण सहित अनेक अधिकारी शामिल थे।

सहयोगात्मक प्रयासों पर बल

बैठक का समापन एक खुली चर्चा के साथ हुआ, जिसमें भारत में पशुधन सांख्यिकी सुधार के लिए प्रमुख निष्कर्षों और भविष्य की दिशा का सार प्रस्तुत किया गया। टीसीडी अध्यक्ष ने सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से सांख्यिकीय ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। अंत में एएचएस डिवीजन, डीएएचडी द्वारा औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। 

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