सरकार ने पीली मटर पर बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी, अब लगेगा 30% टैक्स, घरेलू किसानों को मिलेगा फायदा
30 अक्टूबर 2025, नई दिल्ली: सरकार ने पीली मटर पर बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी, अब लगेगा 30% टैक्स, घरेलू किसानों को मिलेगा फायदा – केंद्र सरकार ने देश के अन्नदाताओं के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पीली मटर पर से अब ‘ड्यूटी फ्री इंपोर्ट’ को हटा दिया है। अब पीली मटर के आयात पर 10 फीसदी आयात शुल्क (Import Duty) और 20 फीसदी कृषि अवसंरचना विकास उपकर (AIDC) लगाने का ऐलान किया है। इसका मतलब है कि अब पीली मटर के आयात पर 30 फीसदी का तगड़ा टैक्स देना होगा। यह नई दरें 1 नवंबर 2025 से जारी होंगी। इस फैसले का उद्देश्य घरेलू किसानों को सस्ते विदेशी आयात से हो रहे नुकसान से बचाना है।
बता दें, इस नए फैसले से पहले देश में पीली मटर का आयात जीरो ड्यूटी के साथ होता था। जिससे किसानों को उनकी उपज का कम दाम मिलता था। लेकिन अब इसे खत्म कर तगड़ी ड्यूटी लगा दी गई है।
सस्ते आयात से गिर रहे थे मटर के दाम
लंबे समय से किसान दाल उद्योग से जुड़े किसान संगठन सरकार से मांग कर रहे थे कि पीली मटर के ड्यूटी-फ्री आयात पर रोक लगाई जाए। रूस, कनाडा और कुछ अन्य देशों से बडे़ स्तर पर सस्ती मटर भारत में आ रही थी। जिसके चलते देश में दालों के गिर रहे थे। किसानों को उनकी उपज की सही कीमत नहीं मिल पा रही थी और उनका नुकसान हो रहा था। अब सरकार के इस नए फैसले से किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सकेगा।
खरीफ आवक के बीच बड़ा फैसला
सरकार के इस फैसले से देश के दाल उत्पादन किसानों को फायदा मिलेगा। बता दे, सरकार ने किसानों से शत-प्रतिशत दाल की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर खरीदने की बात कही है। ऐसे में सरकार का यह फैसला खरीफ सीजन से ठीक पहले आया है। इस समय मंडी और बाजारों में खरीफ फसलों की आवक तेजी से बढ़ रही है और किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की जा रही है। सरकार चाहती है कि घरेलू उत्पादन बढ़े और भारत दालों के मामले में आत्मनिर्भर बने।
सात महीने बाद सरकार ने लिया निर्णय
सरकार ने बुधवार रात एक महत्वपूर्ण नोटिफिकेशन जारी किया, जिसमें कहा गया कि 1 नवंबर से पीली मटर (yellow peas) पर 10% आयात शुल्क और 20% कृषि अवसंरचना विकास शुल्क (AIDC) लगाया जाएगा। यह निर्णय सात महीने पहले पीली मटर के आयात को ड्यूटी-मुक्त करने के सरकार के फैसले के बाद लिया गया है।
यह कदम तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में मूंग, उड़द और अरहर की खरीद को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मंजूरी देने से जुड़ा है। इन दालों के साथ-साथ सोयाबीन की खरीद पर अनुमानित खर्च करीब 15,095.83 करोड़ रुपये हो सकता है, जिसे सरकार ने हाल ही में सार्वजनिक किया है।
इस निर्णय से यह उम्मीद जताई जा रही है कि घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को अच्छे दाम मिलेंगे, साथ ही देश की कृषि नीति में और सुधार होगा।
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