प्याज किसानों को 2022-23 से 2024-25 के दौरान ₹701.54 करोड़ के बीमा दावे मिले
18 फरवरी 2026, नई दिल्ली: प्याज किसानों को 2022-23 से 2024-25 के दौरान ₹701.54 करोड़ के बीमा दावे मिले – केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत वर्ष 2022-23 से 2024-25 की अवधि में प्याज उत्पादक किसानों को ₹701.54 करोड़ के बीमा दावों का भुगतान किया है। यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने राज्यसभा में दी।
कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने लिखित उत्तर में बताया कि इस अवधि में प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में कुल 27.21 लाख किसान आवेदनों को प्याज फसल बीमा के अंतर्गत शामिल किया गया।
महाराष्ट्र में सबसे अधिक किसानों का पंजीकरण हुआ और यहीं सबसे अधिक दावों का भुगतान भी किया गया। इसके बाद कर्नाटक और आंध्र प्रदेश का स्थान रहा। योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम से होने वाले फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। प्याज फसल को संबंधित राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचित किए जाने पर बीमा कवरेज दिया जाता है।
राज्यवार विवरण: प्याज किसानों का कवरेज और दावों का भुगतान (2022-23 से 2024-25*)
| राज्य | किसान आवेदन (संख्या) | प्रीमियम सब्सिडी में केंद्र का अंश (₹ करोड़) | भुगतान किए गए दावे (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|
| आंध्र प्रदेश | 1,79,154 | 6.57 | 85.57 |
| छत्तीसगढ़ | 2,592 | 0.32 | 0.31 |
| कर्नाटक | 94,143 | 41.32 | 91.12 |
| महाराष्ट्र | 22,21,403 | 256.86 | 453.61 |
| ओडिशा | 14,903 | 0.45 | 0.17 |
| राजस्थान | 57,756 | 11.15 | 21.95 |
| तमिलनाडु | 1,51,531 | 22.88 | 48.80 |
| कुल | 27,21,482 | 339.53 | 701.54 |
आंकड़े 31 दिसंबर 2025 तक के हैं।
मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिसूचित फसलों को बुवाई पूर्व से लेकर कटाई पश्चात तक व्यापक जोखिम बीमा कवर प्रदान किया जाता है, वह भी किसानों के लिए न्यूनतम प्रीमियम पर। प्याज जैसी फसल, जो मौसमीय जोखिम और मूल्य उतार-चढ़ाव दोनों से प्रभावित होती है, उसके लिए यह योजना आय स्थिरता सुनिश्चित करने में सहायक है।
यह जानकारी प्याज किसानों के कल्याण एवं संरक्षण के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे व्यापक उपायों—जैसे बाजार हस्तक्षेप, बफर स्टॉक प्रबंधन और फसलोत्तर अवसंरचना विकास—के संदर्भ में साझा की गई।
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