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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

गांव-गांव में डिजिटल सेवाओं की नई शुरुआत: अब PACS के जरिए मिलेंगी 300 से अधिक ई-सेवाएं

12 दिसंबर 2024, नई दिल्ली: गांव-गांव में डिजिटल सेवाओं की नई शुरुआत: अब PACS के जरिए मिलेंगी 300 से अधिक ई-सेवाएं – ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में कार्य करने की अनुमति दी गई है। इसके तहत 300 से अधिक ई-सेवाओं, जैसे बैंकिंग, बीमा, कृषि सेवाएं, स्वास्थ्य सेवाएं आदि, को ग्रामीण नागरिकों तक पहुंचाने का काम शुरू किया गया है। अब तक 21 नवंबर 2024 तक 40,214 PACS को CSC सेवाएं देने के लिए सक्षम किया जा चुका है।

PACS के CSC में बदलने से ग्रामीण नागरिक वित्तीय समावेशन, शिक्षा, स्वास्थ्य और विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ अपने गांव/पंचायत स्तर पर उठा सकेंगे। इसके लिए PACS के कर्मियों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद (NCCT) और CSC ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम और क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल न केवल PACS को डिजिटल रूप से सक्षम बनाएगी बल्कि गांवों में डिजिटल साक्षरता को भी बढ़ावा देगी।

PACS का कंप्यूटरीकरण: पारदर्शिता और दक्षता की ओर कदम

सरकार PACS का कंप्यूटरीकरण कर उनकी कार्यप्रणाली को ERP (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) आधारित एक समान राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर से जोड़ रही है। ₹2,516 करोड़ की वित्तीय लागत से लागू इस परियोजना के तहत अब तक 30 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से 67,930 PACS के कंप्यूटरीकरण के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इसमें से ₹699.89 करोड़ की राशि राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को और ₹165.92 करोड़ NABARD को जारी किए गए हैं।

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कंप्यूटरीकरण परियोजना के लाभ

  • PACS के लिए सामान्य लेखा प्रणाली (CAS) और प्रबंधन सूचना प्रणाली (MIS) लागू की जाएगी।
  • 25 से अधिक आर्थिक गतिविधियों जैसे लघु, मध्यम और दीर्घकालिक ऋण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), व्यापार योजना और संपत्ति प्रबंधन आदि को ERP सॉफ्टवेयर के जरिए सुगम बनाया जाएगा।
  • तेज़ ऋण वितरण, लेन-देन लागत में कमी, और भुगतान असंतुलन को कम करने के साथ PACS के संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
  • DCCBs और StCBs के साथ निर्बाध लेखांकन एकीकरण की सुविधा मिलेगी।

राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों ने सिस्टम इंटीग्रेटर्स (SIs) को इस परियोजना के लिए जोड़ा है, जो राष्ट्रीय स्तर के सॉफ्टवेयर के इंस्टॉलेशन और PACS के पुराने डेटा के डिजिटलीकरण में मदद कर रहे हैं। NABARD द्वारा चयनित राष्ट्रीय PACS सॉफ्टवेयर विक्रेता (NLPSV) तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।

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सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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