Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भूमि अधिग्रहण परियोजनाओं में राज्यों की रैंकिंग के लिए एमआईएस पोर्टल का शुभारम्भ

23 दिसंबर 2021, नई दिल्ली । भूमि अधिग्रहण परियोजनाओं में राज्यों की रैंकिंग के लिए एमआईएस पोर्टल का शुभारम्भ – केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने आरएफसीटीएलएआरआर अधिनियम, 2013 के तहत भूमि अधिग्रहण परियोजनाओं में राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों की रैंकिंग के लिए एमआईएस (प्रबंधन सूचना प्रणाली) पोर्टल की शुरूआत की। (भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्वास में उचित मुआवजे और पारदर्शिता का अधिकार) अधिनियम, 2013)। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने यह भी घोषणा की कि रैंकिंग और प्रदर्शन के अनुसार, शीर्ष 3 राज्यों और शीर्ष 3 जिलों को सम्मानित किया जाएगा।

श्री गिरिराज सिंह ने इसे ‘विकास पोर्टल’ बताते हुए कहा कि यह एमआईएस पोर्टल न केवल डेटा और आंकड़े दिखाएगा बल्कि यह देश में विकास की गति भी दिखाएगा।

देश में परियोजनाओं के कार्यान्वयन में देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए, श्री गिरिराज सिंह ने कहा कि परियोजनाओं के पूरा होने में देरी से परियोजना की लागत बढ़ जाती है और विकास की गति में बाधा आती है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी राज्यों को उपलब्ध रैंकिंग से उनके लिए विकास परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करना आसान होगा। इससे परियोजनाओं की गति बढ़ेगी और अच्छे कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रेरणा मिलेगी।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

भूमि संसाधन विभाग ने इस एमआईएस पोर्टल को राज्य/ केद्रशासित प्रदेशों की रैंकिंग के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण के विभिन्न मानकों पर जानकारी प्राप्त करने के लिए विकसित किया है,
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते और साध्वी निरंजन ज्योति ने भी राज्यों को भूमि अधिग्रहण परियोजनाओं के समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने और भारत के विकास में योगदान करने के लिए प्रेरित किया।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री अजय टिर्की ने कहा कि यह पोर्टल राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पोर्टल पर डेटा और आंकड़े साझा कर सकते हैं और संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के आधार पर रैकिंग विकसित की जाएगी। पूरी रैंकिंग प्रक्रिया स्वचालित माध्यम पर आधारित है। रैकिंग प्रक्रिया में विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। सचिव ने यह भी कहा कि पोर्टल विभिन्न विभागों के लिए एक व्यापक डेटाबेस के रूप में काम करेगा।

श्री हुकुम चंद मीणा, अपर सचिव, डीओएलआर ने रैंकिंग प्रक्रिया के लिए विभिन्न मापदंडों और पैमानों पर प्रस्तुति दी। श्री सोनमनी बोरा, संयुक्त सचिव, डीओएलआर, श्री उमा कांत, संयुक्त सचिव, डीओएलआर, एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न राज्य सरकारों के अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।