Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

जानें कैसे बीटी कपास ने बढ़ाई किसानों की आय: कपास की खेती में 96% क्षेत्र में बीटी कपास का विस्तार

07 अगस्त 2024, नई दिल्ली: जानें कैसे बीटी कपास ने बढ़ाई किसानों की आय: कपास की खेती में 96% क्षेत्र में बीटी कपास का विस्तार – बीटी कपास देश में वाणिज्यिक खेती के लिए पर्यावरण, मंत्रालय की जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति (जीईएसी) द्वारा 2002 में अनुमोदित एकमात्र आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) फसल है। बीटी कपास अब भारत में कपास की खेती का 96% हिस्सा कवर कर रही है।

बीटी कपास का प्रभाव

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर)-केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान (सीआईसीआर), नागपुर ने 2012-13 और 2013-14 में महाराष्ट्र में बीटी कपास के प्रभाव का मूल्यांकन किया। अध्ययन में पाया गया कि बीटी कपास की खेती से बॉलवर्म संक्रमण की घटनाओं में भारी कमी आई है और कीटनाशक के प्रयोग की संख्या भी 8 से घटकर 4 हो गई है।

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी गयी जानकारी से पता चला की आईसीएआर-सीआईसीआर के अध्ययनों से यह भी पता चला है कि बीटी कपास की खेती का मिट्टी की पारिस्थितिकी पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं है। आंध्र प्रदेश राज्य में 2023-24 के दौरान 4,73,345 किसान बीटी कपास की खेती कर रहे हैं।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

बीटी कपास की व्यापक स्वीकृति

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी गयी जानकारी से पता चला की बीटी कपास को अपनाने से उपज में 3-4 क्विंटल प्रति एकड़ का अंतर पाया गया है। इसके अलावा, बीटी कपास से आय में वृद्धि उपज में वृद्धि और कपास बॉलवर्म के खिलाफ कीटनाशक की लागत में कमी के कारण हुई है। वर्षा आधारित स्थिति में बीटी कपास से वर्तमान शुद्ध लाभ 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर होने का अनुमान है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

किसानों द्वारा बीटी कपास को तेजी से अपनाया जा रहा है। वर्तमान में कपास की खेती के तहत 96 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र पर बीटी कपास का कब्जा है। इस वजह से गैर बीटी कपास की खेती का अध्ययन करना मुश्किल हो गया है।

यह जानकारी केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

बीटी कपास के राज्यवार क्षेत्रफल, उत्पादन और उपज का विवरण:

राज्यक्षेत्रफल (लाख हेक्टेयर) 21-22 से 22-23उत्पादन (लाख गांठें) 21-22 से 22-23उपज (किलोग्राम/हेक्टेयर)
पंजाब2.512.496.464.44437303
हरियाणा6.365.7513.1610.01352296
राजस्थान7.568.1524.8127.74558579
गुजरात22.8424.8475.0987.95559602
महाराष्ट्र44.141.8282.4983.16318338
मध्य प्रदेश5.65.9514.214.33431410
तेलंगाना18.8919.7348.7857.45439495
आंध्र प्रदेश5.547.0417.0815.41524372
कर्नाटक6.749.4919.5525.68493460
तमिलनाडु1.481.733.023.19347313
ओडिशा1.932.166.267.05551554
अन्य0.170.120.280.19279269
कुल123.72129.27311.18336.6428443

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com