राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत का खाद्यान्न उत्पादन 2025–26 में 3,486 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय

11 मार्च 2026, नई दिल्ली: भारत का खाद्यान्न उत्पादन 2025–26 में 3,486 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय – कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने वर्ष 2025–26 के लिए प्रमुख कृषि फसलों (खरीफ और रबी) के द्वितीय अग्रिम उत्पादन अनुमान जारी किए हैं। इन अनुमानों के अनुसार देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 3,486 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) रहने का अनुमान है। इसमें खरीफ खाद्यान्न उत्पादन 1741.44 एलएमटी और रबी खाद्यान्न उत्पादन 1745.13 एलएमटी आंका गया है।

इन आंकड़ों को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अनुमोदित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों की समृद्धि के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप कृषि उत्पादन में निरंतर प्रगति देखने को मिल रही है।

मंत्रालय के अनुसार, यह अनुमान राज्यों से प्राप्त फसल क्षेत्र के आंकड़ों के आधार पर तैयार किए गए हैं, जिन्हें रिमोट सेंसिंग, वीकली क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप और अन्य एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के साथ सत्यापित किया गया है। वहीं उत्पादकता के अनुमान क्रॉप कटिंग प्रयोग (CCE), पिछले वर्षों के रुझानों और अन्य कारकों के आधार पर लगाए गए हैं। इन द्वितीय अग्रिम अनुमानों में खरीफ और रबी मौसम की फसलें शामिल हैं, जबकि ग्रीष्मकालीन फसलों को तीसरे अग्रिम अनुमान में जोड़ा जाएगा।

चावल के उत्पादन के मामले में भी वृद्धि का अनुमान है। खरीफ धान का उत्पादन 1239.28 एलएमटी आंका गया है, जो वर्ष 2024–25 के 1227.72 एलएमटी से लगभग 11.56 एलएमटी अधिक है। वहीं रबी धान का उत्पादन 167.20 एलएमटी रहने का अनुमान है।

गेहूं उत्पादन 1202.10 एलएमटी रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 1179.45 एलएमटी से लगभग 22.65 एलएमटी अधिक है। इसी तरह मोटे अनाज और मक्का के उत्पादन में भी बढ़ोतरी का अनुमान है। खरीफ मक्का का उत्पादन 302.47 एलएमटी और रबी मक्का का उत्पादन 159.03 एलएमटी रहने का अनुमान है, जो दोनों ही रिकॉर्ड स्तर पर बताए गए हैं।

श्री अन्न (मिलेट्स) का उत्पादन भी उल्लेखनीय है। खरीफ में इसका उत्पादन 123.43 एलएमटी और रबी में 30.98 एलएमटी रहने का अनुमान है। वहीं खरीफ मोटे अनाज का उत्पादन 425.89 एलएमटी और रबी मोटे अनाज का उत्पादन 213.41 एलएमटी रहने का अनुमान लगाया गया है।

दलहनों के उत्पादन की बात करें तो तूर (अरहर) का उत्पादन 34.55 एलएमटी, चना 117.92 एलएमटी और मसूर 17.33 एलएमटी रहने का अनुमान है।

तिलहनों में खरीफ मूंगफली का उत्पादन 112.94 एलएमटी आंका गया है, जो पिछले वर्ष के 104.12 एलएमटी से अधिक है, जबकि रबी मूंगफली का उत्पादन 7.97 एलएमटी रहने का अनुमान है। सोयाबीन का उत्पादन 127.20 एलएमटी और सरसों एवं राई का उत्पादन 133.31 एलएमटी रहने का अनुमान है।

वाणिज्यिक फसलों में कपास का उत्पादन 290.91 लाख गांठ (प्रत्येक 170 किलोग्राम) रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि गन्ने का उत्पादन 5001.97 एलएमटी रहने का अनुमान है। इसके अलावा जूट का उत्पादन 81.27 लाख गांठ (प्रत्येक 180 किलोग्राम) रहने का अनुमान है।

मंत्रालय के अनुसार कुछ फसलों जैसे तूर, गन्ना और अरंडी के लिए क्रॉप कटिंग प्रयोग अभी जारी हैं, इसलिए आगामी अग्रिम अनुमानों में उत्पादन के आंकड़ों में बदलाव संभव है। कुल मिलाकर जारी किए गए द्वितीय अग्रिम अनुमान वर्ष 2025–26 में देश के कृषि उत्पादन के मजबूत रहने का संकेत देते हैं।

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