राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता: कृषि और औद्योगिक उत्पादों पर बाजार पहुंच बढ़ेगी

09 फरवरी 2026, वाशिंगटन, डीसी: भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता: कृषि और औद्योगिक उत्पादों पर बाजार पहुंच बढ़ेगी – अमेरिका और भारत ने पारस्परिक और लाभकारी व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) के एक ढांचे पर सहमति बना ली है। इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

इस ढांचे के साथ ही दोनों देशों ने भारत–अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement – BTA) पर जारी बातचीत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। BTA वार्ता की औपचारिक शुरुआत 13 फरवरी 2025 को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई थी। इसका उद्देश्य बाजार पहुंच बढ़ाना, लंबे समय से चली आ रही व्यापारिक अड़चनों को दूर करना और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच सप्लाई चेन को मजबूत बनाना है।

संयुक्त बयान के अनुसार, यह अंतरिम समझौता एक बड़े और व्यापक व्यापार समझौते की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है, जिसमें संतुलित और पारस्परिक लाभ पर जोर दिया जाएगा।

अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों के लिए भारत में बाजार खुलने का रास्ता

अंतरिम समझौते के ढांचे के तहत भारत ने अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं के साथ-साथ कई कृषि और खाद्य उत्पादों पर आयात शुल्क समाप्त करने या उसमें कटौती करने पर सहमति दी है।

इसमें शामिल प्रमुख उत्पाद हैं:

  • ड्रायड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGs)
  • पशु आहार में इस्तेमाल होने वाला रेड सोरघम
  • ट्री नट्स
  • ताजे और प्रसंस्कृत फल
  • सोयाबीन तेल
  • वाइन और स्पिरिट्स
  • अन्य कृषि उत्पाद

इन कदमों से भारतीय बाजार में अमेरिकी कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। साथ ही, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों को कच्चे माल की बेहतर उपलब्धता मिल सकती है।

भारतीय निर्यात पर अमेरिका का पारस्परिक शुल्क

दूसरी ओर, अमेरिका ने भारत से आने वाले उत्पादों पर 18 प्रतिशत का पारस्परिक शुल्क लागू करने का निर्णय लिया है। यह शुल्क कपड़ा और परिधान, चमड़ा व फुटवियर, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर व हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी उत्पादों पर लागू होगा।

हालांकि, अंतरिम समझौते के सफल निष्पादन के बाद अमेरिका ने संकेत दिया है कि कई भारतीय उत्पादों को इस शुल्क से राहत मिल सकती है। इनमें:

  • जेनेरिक दवाएं
  • हीरे और आभूषण
  • विमान और विमान पुर्जे

शामिल हैं। इससे फार्मास्यूटिकल्स और जेम्स-ज्वेलरी जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्रों को खास फायदा मिलने की संभावना है।

विमान, धातु और ऑटो पार्ट्स को लेकर राहत

अमेरिका भारत से आयात होने वाले कुछ विमान और विमान पुर्जों पर लगाए गए शुल्क हटाएगा, जो पहले एल्युमिनियम, स्टील और कॉपर से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा प्रावधानों के तहत लगाए गए थे।

इसके साथ ही भारत को अमेरिकी बाजार में ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स के लिए एक विशेष तरजीही शुल्क-दर कोटा भी दिया जाएगा।

दवाएं, नियम और गैर-शुल्क बाधाएं

जेनेरिक दवाओं और फार्मास्यूटिकल कच्चे माल से जुड़े फैसले अमेरिका में चल रही सेक्शन-232 जांच के नतीजों पर निर्भर करेंगे। इस समीक्षा के पूरा होने के बाद भारत को इस क्षेत्र में बातचीत के जरिए परिणाम मिलने की उम्मीद है।

दोनों देशों ने गैर-शुल्क व्यापार बाधाओं को दूर करने पर भी सहमति जताई है। इसके तहत भारत ने अमेरिकी मेडिकल डिवाइसेज़ से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे अवरोधों को संबोधित करने का आश्वासन दिया है।

साथ ही, रूल्स ऑफ ओरिजिन ऐसे तय किए जाएंगे ताकि इस समझौते का लाभ मुख्य रूप से भारत और अमेरिका को ही मिले।

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