उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भर हो रहा भारत, 2025 में किसानों की 73% उर्वरक खपत घरेलू प्रोडक्शन से पूरी की
10 जनवरी 2026, नई दिल्ली: उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भर हो रहा भारत, 2025 में किसानों की 73% उर्वरक खपत घरेलू प्रोडक्शन से पूरी की – भारत सरकार ने उर्वरक क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। साल 2025 में देश की कुल उर्वरक खपत का 73 प्रतिशत हिस्सा भारत में ही उत्पादन कर पूरा किया गया। यह उपलब्धि सरकार की नीतियों और किसानों के हित में लगातार किए गए प्रयासों का नतीजा है।
भारत सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को उर्वरक समय पर और भरोसेमंद तरीके से उपलब्ध हों। इसके लिए कच्चे माल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया। सरकार ने दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते, विभिन्न स्रोतों का उपयोग और आयात पर निर्भरता कम करने जैसे कदम उठाए हैं।
उर्वरक उत्पादन का रिकॉर्ड स्तर
साल 2025 में उर्वरकों का उत्पादन अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। प्रमुख उर्वरक जैसे यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। पिछले पांच साल में उत्पादन का आंकड़ा इस प्रकार रहा:
– 2021: 433.29 लाख टन
– 2022: 467.87 लाख टन
– 2023: 507.93 लाख टन
– 2024: 509.57 लाख टन
– 2025: 524.62 लाख टन
उर्वरक उत्पादन में वृद्धि के पीछे नए संयंत्रों की स्थापना, बंद इकाइयों का पुनरुद्धार और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देना मुख्य कारण है।
किसानों को लाभ और कृषि उत्पादन में मजबूती
सरकार की इन पहलों से किसानों को उर्वरकों की निरंतर और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। इससे न केवल कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है, बल्कि उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य भी मजबूत हुआ है।
केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार, घरेलू उत्पादन में यह वृद्धि किसानों के लिए लाभकारी है और देश की कृषि सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा को भी मजबूत करती है। अब किसान बिना किसी रुकावट के अपने खेतों में उर्वरक का उपयोग कर सकते हैं और अधिक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं।
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