राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत-अर्जेंटीना कृषि सहयोग को नई मजबूती, ICAR-INTA ने 2025-27 की कार्य योजना पर किए हस्ताक्षर

20 दिसंबर 2025, नई दिल्ली: भारत-अर्जेंटीना कृषि सहयोग को नई मजबूती, ICAR-INTA ने 2025-27 की कार्य योजना पर किए हस्ताक्षर – भारत और अर्जेंटीना के बीच कृषि क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को नई मजबूती मिली है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और अर्जेंटीना के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी (INTA) के बीच 2025-2027 की कार्य योजना (वर्क प्लान) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता कृषि अनुसंधान, क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी विनिमय को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस कार्य योजना पर कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव और ICAR के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट तथा भारत में अर्जेंटीना गणराज्य के राजदूत मारियानो ऑगस्टिन कौसिनो ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों देशों के अधिकारियों ने कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक सहयोग को और गहराने की प्रतिबद्धता दोहराई।

इन प्रमुख क्षेत्रों में होगा सहयोग

वर्क प्लान 2025-27 के तहत दोनों देश कई अहम कृषि क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। इनमें प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, बिना जुताई के खेती (नो-टिल फार्मिंग), संवहनीय कृषि विज्ञान, कृषि मशीनीकरण, सूक्ष्म सिंचाई और फर्टिगेशन (पानी में उर्वरक मिलाकर सिंचाई) शामिल हैं। इसके अलावा फसल एवं पशु जैव प्रौद्योगिकी, पशुधन वृद्धि, डिजिटल कृषि, जैव सुरक्षा, पादप स्वच्छता उपाय और मूल्य श्रृंखला विकास पर भी सहयोग बढ़ाया जाएगा।

प्रशिक्षण और अध्ययन दौरों पर रहेगा जोर

इस कार्य योजना के अंतर्गत संयुक्त अध्ययन दौरे और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें ग्रीनहाउस सब्जी उत्पादन, फूलों की खेती, समशीतोष्ण फलों की खेती, फसल कटाई के बाद संरक्षण, पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों का विकास, पशु चिकित्सा निदान, पशुपालन, अपशिष्ट-से-संसाधन तकनीक, माइक्रोबियल फीड विकास, डिजिटल कृषि और पादप स्वास्थ्य जैसे विषय शामिल रहेंगे।

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जर्मप्लाज्म का होगा आदान-प्रदान

भारत और अर्जेंटीना के बीच जर्मप्लाज्म आदान-प्रदान भी इस कार्य योजना का अहम हिस्सा होगा। इसके तहत सोयाबीन, सूरजमुखी, मक्का, ब्लूबेरी, साइट्रस फल, जंगली पपीता, अमरूद की प्रजातियां और चुनिंदा सब्जियों पर सहयोग किया जाएगा, जिससे दोनों देशों की कृषि उत्पादकता और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।

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मशीनीकरण और मूल्य श्रृंखला विकास में साझेदारी

दोनों देश तिलहन और दलहन की मूल्य श्रृंखला, कृषि मशीनीकरण—जिसमें बिना जुताई की खेती, कपास कटाई मशीनें और ड्रोन तकनीक शामिल हैं—के साथ-साथ बागवानी मूल्य श्रृंखला विकास और रोपण सामग्री के आदान-प्रदान पर भी सहयोग बढ़ा रहे हैं।

पादप और पशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान

इस योजना के तहत खुरपका-मुंहपका रोग के उन्मूलन के लिए क्षेत्र-विशिष्ट रणनीतियों, तकनीकी ज्ञान और सर्वोत्तम पद्धतियों को साझा करने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही टिड्डी निगरानी और प्रबंधन में भी सहयोग किया जाएगा।

वार्षिक समीक्षा पर बनी सहमति

भारत और अर्जेंटीना दोनों ने वैज्ञानिक साझेदारी के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए वार्षिक निगरानी और समीक्षा पर सहमति जताई है, ताकि तय लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके।

यह कार्य योजना भारत-अर्जेंटीना के बीच कृषि सहयोग को नई दिशा देने के साथ-साथ किसानों, शोधकर्ताओं और कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के लिए लाभकारी साबित होने की उम्मीद है।

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