FTA में किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित, भ्रम फैलाने वालों को कृषि मंत्री का करारा जवाब
15 फरवरी 2026, नई दिल्ली: FTA में किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित, भ्रम फैलाने वालों को कृषि मंत्री का करारा जवाब – हाल में हुए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) और अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील्स को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा है कि भारत की हर ट्रेड डील में किसानों और राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने दो टूक कहा कि “न खेत बिके हैं, न किसान; किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं और रहेंगे।”
ट्रेड डील में किसान हित सर्वोपरि
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली के 64 वें दीक्षांत समारोह में अपने संबोधन के दौरान मंत्री श्री चौहान ने कहा कि यूरोपियन यूनियन, अमेरिका सहित अन्य देशों के साथ हुए सभी समझौते राष्ट्रहित में लिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी समझौते में भारत की प्रमुख फसलों- गेहूं, चावल, मक्का, सोया और मोटे अनाज के लिए बाजार के द्वार नहीं खोले गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि डेयरी और पोल्ट्री उत्पाद पूरी तरह संरक्षित हैं और ऐसे कोई प्रावधान नहीं किए गए हैं, जिससे भारतीय किसानों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता या आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।
अफवाहों पर सख्त रुख
मंत्री श्री चौहान ने कहा कि कुछ लोग ‘देश बिक गया’ और ‘किसान लुट गए’ जैसे नारे लगाकर भ्रम और भय का वातावरण बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के नाम पर झूठ फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल उन्हीं वस्तुओं पर निर्णय लेती है, जिनकी देश को आवश्यकता है और जिन्हें भारत पहले से आयात करता रहा है, ताकि राष्ट्रीय जरूरतें पूरी हों, लेकिन किसानों के हितों पर कोई आंच न आए।
विकसित भारत 2047 और समृद्ध किसान
दीक्षांत समारोह में मंत्री ने कहा कि “विकसित भारत 2047” का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब कृषि विकसित होगी और किसान समृद्ध होंगे। उन्होंने कृषि को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए विज्ञान आधारित, टिकाऊ और समावेशी कृषि मॉडल अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि भविष्य के “एग्री लीडर” हैं, जिनकी खोजें आने वाली पीढ़ियों की थाली भरेंगी।
‘Lab to Land’ बने मिशन
श्री चौहान ने जल संरक्षण, माइक्रो-इरिगेशन, मृदा स्वास्थ्य, प्राकृतिक खेती, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्मार्ट कृषि पर जोर देते हुए कहा कि प्रयोगशाला में विकसित तकनीक खेत तक पहुंचे- यह हर वैज्ञानिक का दायित्व है।
उन्होंने युवाओं को “Job Seeker” के बजाय “Job Creator” बनने की प्रेरणा देते हुए एग्री-स्टार्टअप, वैल्यू एडिशन और कृषि निर्यात में अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
470 विद्यार्थियों को उपाधि
समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी और श्री रामनाथ ठाकुर, ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट, IARI के निदेशक डॉ. सी.एच. श्रीनिवास राव सहित बड़ी संख्या में वैज्ञानिक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस वर्ष कुल 470 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 290 एम.एससी./एम.टेक. और 180 पीएचडी. छात्र शामिल हैं।
मंत्री चौहान ने सभी स्नातकों को शुभकामनाएं देते हुए अपेक्षा जताई कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग खेती और किसानों की सेवा में करेंगे, ताकि भारत की खाद्य और पोषण सुरक्षा और मजबूत हो सके।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

