जेम  (GeM) पोर्टल पर सहकारिताओं की ऑनबोर्डिंग का ई-लॉन्च किया सहकारिता मंत्री ने

Share

10 अगस्त 2022, नई दिल्ली: जेम  (GeM) पोर्टल पर सहकारिताओं की ऑनबोर्डिंग का ई-लॉन्च किया सहकारिता मंत्री ने – आज सहकारिता के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, आज देशभर की सभी सहकारी समितियों के लिए GeM के दरवाजे खुल गए हैं.सहकारिता क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और इस क्षेत्र के विस्तार के लिए GeM पोर्टल एक बहुत उपयोगी प्लेटफार्म सिद्ध होगा.पैक्स से लेकर अपैक्स तक एक हॉलिस्टिक अप्रोच के साथ सहकारिता नीति भी बनाई जा रही है, सरकार को सहकारिता का विस्तार करना है लेकिन इसका कोई डेटाबेस ही नहीं है इसलिए मंत्रालय सभी प्रकार की सहकारी समितियों का एक राष्ट्रस्तर का डेटाबेस भी बना रहा है.

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने गत दिवस  नई दिल्ली में गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस (GeM)पोर्टल पर सहकारिताओं की ऑनबोर्डिंग को ई-लॉन्च किया। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय,भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (एनसीयूआई) और जेम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल, केन्द्रीय सहकारिता एवं उत्तर पूर्व क्षेत्र विकास राज्य मंत्री श्री बी एल वर्मा और एनसीयूआई के अध्यक्ष श्री दिलीप संघानी समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

श्री अमित शाह ने कहा कि सहकारिता का मॉडल ही एक ऐसा मॉडल है जिसमें कम पूंजी के साथ भी लोग एक साथ आकर बड़े से बड़े काम को सरलता से कर सकते हैं

सहकारिता यूनिवर्सिटी की स्थापना का काम भी आगे बढ़ा है, इससे नए प्रोफेशनल तैयार होंगे और सहकारिता क्षेत्र में काम करने वाले लोगों और नए कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था भी उपलब्ध होगी.एक एक्सपोर्ट हाउस भी रजिस्टर किया जा रहा है जो दिसंबर तक हो पूरा जाएगा, यह देश भर के कोऑपरेटिव को एक्सपोर्ट करने के लिए  प्लेटफार्म प्रदान करेगा

सहकारिता के क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए GeM पोर्टल बहुत उपयोगी साबित होगा, और पारदर्शिता होगी तभी किसानों व दुग्ध उत्पादकों का भरोसा भी समितियों और उनके सदस्यों पर बढेगा

GeM पोर्टल लाकर मोदी जी ने सरकारी खरीद में पारदर्शिता लाने का काम किया है, एक नई व्यवस्था है, शुरुआत में कुछ प्रशासकीय समस्याएं आ सकती है लेकिन इसके इरादे पर किसी को शंका नहीं होनी चाहिए.

श्री अमित शाह ने कहा कि मुझे विश्वास है कि 5 वर्षों में पारदर्शिता से सरकारी खरीद का यह सफल मॉडल पूरी दुनिया देखेगी .आज GeM का जो विस्तार हुआ है वह अकल्पनीय है, जेम (GeM) पर करीब 62000 सरकारी खरीदार उपलब्ध हैं और लगभग 49 लाख विक्रेता पंजीकृत हैं . साथ ही लगभग 10,000 से ज्यादा उत्पाद और 288 से ज्यादा सर्विसेज सूचीबद्ध हो चुकी हैं, अब तक 2 लाख 78 हजार करोड़ रुपये का व्यापार भी पूरा हो चुका है जोकि GeM की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है |

महत्वपूर्ण खबर: सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार हेतु 31 अगस्त तक प्रविष्टियां आमंत्रित

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.