राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत पशुधन ऐप पर 9.4 करोड़ पशुपालक और 34.5 करोड़ पशु पंजीकृत, डिजिटल पशुधन मिशन में आई तेजी

16 अक्टूबर 2025, नई दिल्ली: भारत पशुधन ऐप पर 9.4 करोड़ पशुपालक और 34.5 करोड़ पशु पंजीकृत, डिजिटल पशुधन मिशन में आई तेजी – मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) के सचिव नरेश पाल गंगवार की अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली के पूसा स्थित एनएएससी कॉम्प्लेक्स में राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन (एनडीएलएम)  विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की अतिरिक्त सचिव वर्षा जोशी, पशुपालन आयुक्त डॉ. प्रवीण मलिक, पशुपालन आयुक्त राम शंकर सिन्हा और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इस कार्यशाला में 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यशाला में राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन के कार्यान्वयन में तेज़ी लाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें कुशल पशुधन प्रबंधन और सेवा वितरण के लिए भारत पशुधन जैसे डिजिटल प्लेटफार्मों का लाभ उठाने पर विशेष बल दिया गया। पशुपालकों के बीच डिजिटल साक्षरता बढ़ाने, ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने और सभी प्रशासनिक स्तरों पर प्रभावी डेटा उपयोग सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया गया।

अपने संबोधन में डीएएचडी सचिव ने डेटा अखंडता बनाए रखने, बेहतर निगरानी और निर्णय लेने के लिए क्षेत्र-स्तरीय डेटा के प्रभावी उपयोग और डिजिटल प्रणालियों को स्थायी रूप से अपनाने के लिए व्यापक हितधारक भागीदारी के महत्व पर बल दिया। उन्होंने क्षेत्र भर के सभी हितधारकों द्वारा पहलों को व्यापक रूप से अपनाने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया।

राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन का उद्देश्य नस्ल सुधार, रोग निगरानी और उत्पाद ट्रेसबिलिटी में सहायता के लिए एक किसान-केंद्रित डिजिटल इको-सिस्टम स्थापित करना है। भारत पशुधन प्लेटफॉर्म पर 9.4 करोड़ से अधिक पशुपालक और 34.5 करोड़ पशु पहले ही पंजीकृत हो चुके हैं, जो व्यापक पशुधन डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements