कृषि क्षेत्र में भारत सरकार की 8 उल्लेखनीय उपलब्धियां

Share

किसानों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने

12 मई 2022, नई दिल्ली । किसानों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने कृषि क्षेत्र में भारत सरकार की 8 उल्लेखनीय उपलब्धियां –
भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा किसानों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए विभिन्न सुधार, नई नीतियां और योजनाएं लाई गयीं हैं। इन सुधारों, नीतियों और योजनाओं को छोटे जोत वाले किसानों को भी ध्यान में रखते हुए बनाया गया है क्योंकि ये वही किसान हैं जो आमतौर पर सरकार द्वारा दिए जाने वाले लाभों के उपयोग से चूक जाते हैं।

सरकार द्वारा शुरू किए गए कई नए सुधारों, नीतियों और योजनाओं में से, हम आपके साथ शीर्ष 8 योजनायें साझा कर रहे हैं जिससे किसानों को बड़े पैमाने पर लाभ हुआ है, और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है ।

1. कृषि बजट आवंटन में वृद्धि

वर्ष 2013-14 में कृषि विभाग के लिए बजट आवंटन मात्र 21,933.50 करोड़ रुपये था। इसे 2021-22 में 5.5 गुना से ज्यादा बढ़ाकर 1,24,000 करोड़ रुपये किया गया है।

2. रिकॉर्ड खाद्यान्न और बागवानी उत्पादन

खाद्यान्न उत्पादन वर्ष 2013-14 में 265.05 मिलियन टन से बढ़कर 2020-21 में रिकॉर्ड 308.64 मिलियन टन (चौथा अग्रिम अनुमान) हो गया है जो अब तक का सबसे अधिक है। वहीँ बागवानी उत्पादन 2014-15 में 280.99 मिलियन टन से बढ़कर 2020-21 में 331.05 मिलियन टन (तीसरा अग्रिम अनुमान) हो गया है जो भारतीय बागवानी क्षेत्र के लिए अब तक का सबसे अधिक है।

3. उत्पादन लागत का 1.5 गुना एमएसपी

सरकार ने अनिवार्य रूप से सभी खरीफ, रबी और अन्य वाणिज्यिक फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की है, जो 2018-19 से उत्पादन की औसत लागत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक है।

धान के लिए एमएसपी 2021-22 में 1940 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है, जो 2013-14 में 1310 रुपये प्रति क्विंटल था, जो 48% की वृद्धि दर्शाता है।

गेहूं के लिए एमएसपी 2013-14 में 1400 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2021-22 में 2015 रुपये प्रति क्विंटल हो गया।

4. पीएम किसान के माध्यम से किसानों को आय सहायता

2019 में PM-KISAN का शुभारंभ जो एक आय सहायता योजना है जो 3 समान किश्तों में प्रति वर्ष 6000 रुपये प्रदान करती है। 11.7 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को अब तक कुल 1.8 लाख करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

5. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई)

PMFBY को 2016 में किसानों के लिए उच्च प्रीमियम दरों और कैपिंग के कारण बीमा राशि में कमी की समस्याओं के समाधान के लिए लॉन्च किया गया था। योजना में पिछले 5 वर्षों में – 29.29 करोड़ किसान आवेदकों ने नामांकन किया और 8.99 करोड़ से अधिक (अनंतिम) किसानों को 103903 करोड़ रुपये से अधिक के दावे प्राप्त हुए हैं। इस अवधि के दौरान किसानों ने अपने हिस्से के प्रीमियम के रूप में लगभग 21448 करोड़ रुपये का भुगतान किया, वहीँ उन्हें 103903 करोड़ रुपये (अनंतिम) से अधिक के दावा राशि का भुगतान किया गया है। इस प्रकार किसानों द्वारा भुगतान किए गए प्रत्येक 100 रुपये के प्रीमियम के लिए, उन्हें दावों के रूप में 484 रुपये प्राप्त हुए हैं।

6. कृषि क्षेत्र के लिए संस्थागत ऋण

2013-14 में 7.3 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2021-22 में 16.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

केसीसी के माध्यम से 4% वार्षिक ब्याज पर संस्थागत ऋण का लाभ अब पशुपालन और मत्स्य पालन किसानों को भी उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए दिया गया है।

किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से सभी पीएम-किसान लाभार्थियों को कवर करने पर ध्यान देने के साथ रियायती संस्थागत ऋण प्रदान करने के लिए फरवरी 2020 से एक विशेष अभियान चलाया गया है। अब तक 2,88,832 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि के साथ 270.29 लाख नए केसीसी जारी किए जा चुके हैं।

7. एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एआईएफ)

एआईएफ की शुरुआत के एक साल के भीतर, इस योजना ने 7300 से अधिक परियोजनाओं के लिए देश में 7700 करोड़ रुपये के कृषि बुनियादी ढांचे को जुटाया। इस योजना के सहयोग से विभिन्न कृषि अवसंरचना का निर्माण किया गया और कुछ अवसंरचना पूर्ण होने के अंतिम चरण में है।

इस बुनियादी ढांचे में 3898 गोदाम, 155 परख इकाइयाँ, 136 प्राथमिक प्रसंस्करण इकाइयाँ, 135 सॉर्टिंग और ग्रेडिंग इकाइयाँ, 20 स्मार्ट और सटीक कृषि परियोजनाएँ और लगभग 3000 अन्य प्रकार की कटाई के बाद की प्रबंधन परियोजनाएँ और सामुदायिक कृषि संपत्तियाँ शामिल हैं।

8. एफपीओ को बढ़ावा देना

फरवरी 2020 में 6865 करोड़ रुपये के कुल बजटीय प्रावधान के साथ 10,000 एफपीओ के गठन और संवर्धन की योजना शुरू की गई।

अब तक, संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों (आईए) को 4965 से अधिक एफपीओ उत्पाद क्लस्टर आवंटित किए जा चुके हैं। क्लस्टर आधारित व्यावसायिक संगठनों (CBBO) को विभिन्न IA द्वारा सूचीबद्ध किया गया है और उन्हें पहले से ही ब्लॉक आवंटित किए गए हैं।

 

महत्वपूर्ण खबर: गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 10.70 करोड़ रुपए का भुगतान

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.