किसानों के खाते में 56,000 करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए जमा किए गए

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गेहूं की खरीद पिछले वर्ष की तुलना में 32% बढोतरी, एमएसपी पर लगभग 36 लाख किसानों से 354 लाख टन गेहूं खरीदा गया

17  मई 2021, नई दिल्ली । किसानों के खाते में 56,000 करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए जमा 
किए गए
– गेहूं की खरीद वर्तमान रबी विपणन सत्र आरएमएस 2021-22 के लिए न्यूनतम समर्थन
मूल्य पर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड,
चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, जम्मू और कश्मीर तथा बिहार राज्यों
में जारी है, और अब तक (12 मई तक) 353.99 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई
है, जबकि पिछले साल की इसी समान अवधि में 268.91 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा
गया था। लगभग 36.19 लाख किसानों को मौजूदा एमएसपी मूल्यों पर 69,912.61 करोड़
रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

पंजाब में गेहूं खरीद 31 मई तक

 पंजाब सरकार के अनुरोध पर, भारत सरकार द्वारा 31 मई 2021 taतक  गेहूं खरीद
करने का फैसला किया गया है।  12 मई तक कुल 353.99 लाख मिट्रिक टन गेंहूं की
खरीद में पंजाब द्वारा प्रमुख योगदान दिया गया है। इसके तहत पंजाब से 131.14
लाख मिट्रिक टन 353.98 लाख मिट्रिक टन (37.04 फीसदी) खरीद की गई है। उसके बाद
हरियाणा से 81.07 लाख मिट्रिक टन (22.90 फीसदी), मध्य प्रदेश से 103.71 लाख
मिट्रिक टन (29.29 फीसदी) खरीददारी की गई है।


लगभग 740.22 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया

वर्तमान खरीफ 2020-21 में धान की खरीद इसकी बिक्री वाले राज्यों में सुचारू रूप
से जारी है। 12 मई तक 740.22 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान क्रय किया जा चुका है
(इसमें खरीफ का 705.45 लाख मीट्रिक टन और रबी फसल का 34.77 लाख मीट्रिक टन धान
शामिल है), जबकि पिछले वर्ष की इसी समान अवधि में 684.66 लाख मीट्रिक टन धान
खरीदा गया था। मौजूदा खरीफ विपणन सत्र में लगभग 110.74 लाख किसानों को पहले ही
एमएसपी मूल्य पर 1,39,755.10 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

6,59,000 टन दलहन और तिलहन खरीदा

इसके अलावा, प्रदेशों से मिले प्रस्ताव के आधार पर तमिलनाडु, कर्नाटक,
महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा,
राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से खरीफ विपणन सत्र 2020-21 एवं रबी
विपणन सत्र 2021 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत 107.37 लाख मीट्रिक
टन दलहन और तिलहन की खरीद को भी मंजूरी प्रदान की गई थी। आंध्र प्रदेश,
कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल राज्यों से 1.74 लाख मीट्रिक टन खोपरा (बारहमासी
फसल) को क्रय करने के लिए भी स्वीकृति दी गई है। यदि अधिसूचित फ़सल अवधि के
दौरान संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बाजार की दरें एमएसपी से
नीचे चली जाती हैं, तो राज्य की नामित ख़रीद एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय
नोडल एजेंसियों द्वारा इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को मूल्य समर्थन
योजना (पीएसएस) के अंतर्गत दलहन, तिलहन और खोपरा फसल की खरीद के प्रस्तावों की
प्राप्ति पर भी मंजूरी दी जाएगी, ताकि पंजीकृत किसानों
से वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित किये गए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सीधे इन फसलों
के एफएक्यू ग्रेड की खरीद की जा सके।

खरीफ 2020-21 और रबी 2021 के तहत 12.05.2021 तक सरकार द्वारा अपनी नोडल
एजेंसियों के माध्यम से 6,59,584.98 मीट्रिक टन मूंग, उड़द, तुअर, चना, मसूर,
मूंगफली की फली, सरसों के बीज और सोयाबीन की खरीद एमएसपी मूल्यों पर की गई है।
इस खरीद से तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात,
उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा और राजस्थान के 4,00,168 किसानों को 3,455.20
करोड़ रुपये की आय हुई है।

इसी तरह से 5,089 मीट्रिक टन खोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद कर्नाटक और तमिलनाडु
राज्यों से की गई है। इस दौरान 3,961 किसानों को लाभान्वित करते हुए 12 मई 2021
तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 52 करोड़ 40 लाख रुपये की अदायगी की गई है। इनसे
संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें दलहन तथा तिलहन फसलों की
आवक के आधार पर संबंधित राज्यों द्वारा तय तिथि से खरीद शुरू करने के लिए
आवश्यक इंतज़ाम कर रही हैं।

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