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कृषि कंपनी समाचार (Industry News)

यूपीएल का आइरिस बेहद लाभकारी

इंदौर। यूपीएल ने मध्यप्रदेश के सोयाबीन किसानों के लिए विशेष रूप से खरपतवारनाशक उत्पाद आयरिस उपलब्ध कराया है। यह अकेले ही हर प्रकार के खरपतवार का नाश करने में सक्षम है। उक्त जानकारी देते हुए यूपीएल के महाप्रबंधक डॉ. यू.ए. परासरा ने कृषक जगत से चर्चा में बताया कि इससे सोयाबीन के साथ ही मूंग, उड़द, मूंगफली आदि में उगने वाले चौड़ी पत्ती, संकरी पत्ती एवं घास कुल के खरपतवारों को 3 दिन से 7 दिन की अवधि में नियंत्रित करता है।

उच्चस्तरीय शोध से निर्मित आयरिस खरपतवारों को शीघ्र नियंत्रित करता है। मालवा अंचल में उगने वाले सुकली, आधा सीसी, कांस, भोपाल अंचल में उगने वाले गुलमेहंदी एवं सागर-दमोह क्षेत्र में पाए जाने वाले जंगली ककड़ी, हरदा-होशंगाबाद अंचल में पाए जाने वाले सांवा जैसे खरपतवारों पर नियंत्रण के लिए आयरिस बेहद असरकारी सिद्ध हुआ है। आयरिस को अपनाकर किसानों ने खासा लाभ कमाया है।

आयरिस आधुनिक तकनीक आधारित मार्कर वाला उत्पाद है, जिसके छिड़काव से ऊपर की तीन पत्तियों पर लाल दाने उभर आते हैं, वहीं पौधे की वृद्धि पर कोई असर नहीं होता। लगभग 45 वर्ष पूर्व 1969 में गुजरात में एक लघु उद्योग के रूप में स्थापित यूपीएल आज डॉलर कमाने वाली वैश्विक कम्पनी बन चुकी है। इसके क्रॉप प्रोटेक्शन उत्पाद, इंटरमीडिएट्स, स्पेशलिटी केमिकल्स, इंडस्ट्रियल केमिकल्स और सीड्स भारत समेत दुनिया के 123 देशों में प्रसिद्ध हैं। भारत में 9, फ्रांस में 4, स्पेन में 2, ऑस्ट्रेलिया में 3 तथा यूके, वियतनाम, नीदरलैंड्स, इटली और चीन में एक-एक उत्पादन संयंत्र हैं। यूपीएल ने अधिग्रहण और बैकवर्ड फारवर्ड इंटीग्रेशन से वैश्विक हैसियत जुटाई है।

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डॉ. परासरा ने कृषक जगत को बताया कि कम्पनी ने किसानों की मूलभूत समस्याओं के निराकरण पर ध्यान केंद्रित करते हुए यूपीएल आदर्श किसान सेंटर की स्थापना की है। इस कॉल सेटर पर 18001021199 पर डायल करके किसान तेलुगू, पंजाबी, गुजराती, मराठी और हिंदी आदि विभिन्न भाषाओं में प्रात: 9 बजे से 7 बजे तक समस्या का नि:शुल्क समाधान पा सकते हैं। ब्राजील की एक कंपनी से हुए गठबंधन के जरिए किसानों को यूपीेएल बुवाई, हार्वेस्टिंग एवं प्लांट प्रोटेक्शन से संबंधित विभिन्न कृषि कार्यों के अधुनातन उपकरण भी उपलब्ध कराएगी।

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