बायर इंडिया ने लॉन्च किया ‘अलिवियो’: कृषि बीमा में डिजिटल नवाचार की नई दिशा
15 नवंबर 2025, मुंबई: बायर इंडिया ने लॉन्च किया ‘अलिवियो’: कृषि बीमा में डिजिटल नवाचार की नई दिशा – बायर इंडिया ने किसानों के मौसम-जनित जोखिम प्रबंधन को बदलने के उद्देश्य से अपना नया डिजिटल एग्री-इंश्योरेंस समाधान ‘अलिवियो’ लॉन्च किया है—जो छोटे किसानों के लिए बीमा प्रणाली में अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी नवाचार माना जा रहा है। यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस सहित बीमा पारिस्थितिकी तंत्र के सहयोग से विकसित यह समाधान सैटेलाइट डेटा, फसल मॉडलिंग और प्लॉट-स्तरीय जानकारी को जोड़कर किसानों को तुरंत और पारदर्शी सुरक्षा उपलब्ध कराता है, जो पारंपरिक बीमा प्रणालियों में लंबे समय से कमी मानी जाती थी।
यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब भारत के छोटे किसान तेजी से बिगड़ते जलवायु जोखिमों का सामना कर रहे हैं। बायर के फ़ार्मर वॉयस सर्वे–इंडिया 2024 के अनुसार अधिकांश किसान जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों को पहले ही झेल रहे हैं—72 प्रतिशत किसानों को कम उत्पादन की आशंका है, 62 प्रतिशत को बढ़ती फसल हानि की चिंता है और आधे से अधिक किसान सूखा, गर्म हवाएँ या अत्यधिक वर्षा जैसे चरम मौसम की घटनाओं में वृद्धि की पुष्टि कर रहे हैं। किसान भविष्य में बीमा को अपनी प्रमुख जरूरतों में गिनते हैं, लेकिन पारंपरिक बीमा की देर से मिलने वाली और अक्सर वास्तविक नुकसान से कम मिलने वाली क्षतिपूर्ति के कारण असंतुष्ट भी हैं।
किसान-पहला दृष्टिकोण, डिजिटल बुद्धिमत्ता के साथ
‘अलिवियो’—जिसका अर्थ स्पेनिश में ‘राहत’ है—एकीकृत मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से जोखिम सुरक्षा और कृषि-सलाह दोनों उपलब्ध कराता है। परंपरागत बीमा के विपरीत, ‘अलिवियो’ उच्च-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट डेटा और उन्नत फसल मॉडलिंग का उपयोग करके प्लॉट-स्तरीय एग्रोनोमिक ट्रिगर्स के आधार पर तुरंत लाभ सक्रिय करता है। ये लाभ किसान अपने नजदीकी बायर चैनल पार्टनर से तुरंत रिडीम कर सकते हैं, जिससे मौसम के कारण फसल चक्र प्रभावित न हो।
यह मॉडल पारदर्शिता की उस कमी को भी दूर करता है जो परंपरागत बीमा में अक्सर देखी जाती है। स्पष्ट डेटा-आधारित ट्रिगर्स और पूरे सीजन के दौरान नियमित सूचना के साथ किसान जानते हैं कि वे कब सुरक्षित हैं और कब लाभ सक्रिय हो रहा है। खुदरा साझेदारों को मॉडल में जोड़ने से ‘अलिवियो’ ग्रामीण भरोसे के उन नेटवर्कों का लाभ उठाता है जिन पर किसान अपनी खरीद और सलाह के लिए निर्भर रहते हैं।
पहले चरण में किसानों की मजबूत प्रतिक्रिया
पहले चरण में ‘अलिवियो’ कर्नाटक के दावणगेरे और महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के वर्षा-आधारित मक्का किसानों के लिए शुरू किया गया है—वे क्षेत्र जहाँ लगातार सूखे ने उत्पादन को वर्षों से प्रभावित किया है। यदि महत्वपूर्ण वृद्धि चरणों में मिट्टी की नमी तय सीमा से नीचे जाती है, तो ‘अलिवियो’ तुरंत आश्वासन लाभ सक्रिय करेगा जो किसान के मोबाइल ऐप पर दिखाई देगा और नजदीकी स्टोर पर तुरंत रिडीम किया जा सकेगा।
इसके साथ ही किसानों को उनकी जमीन के अनुरूप मिट्टी की नमी के पूर्वानुमान, स्प्रे-प्लानिंग सलाह और फसल निगरानी सिफारिशें भी मिलेंगी। लॉन्च के पहले दो सप्ताह में ही किसानों की प्रतिक्रिया मजबूत रही है।
“पहले जब बारिश नहीं होती थी, तो सीजन में हमारे पास कोई उम्मीद नहीं रहती थी। ‘अलिवियो’ से मैं अपने प्लॉट की मिट्टी की नमी देख सकता हूँ और जैसे ही वह कम होती है, लाभ तुरंत आ जाता है। इससे मैं समय पर सामान खरीद पाता हूँ,” दावणगेरे तालुका के किसान नागराजा हुचपला कहते हैं।
उद्योग के लिए एक अहम मोड़
“‘अलिवियो’ डिजिटल नवाचार को उन किसानों तक पहुँचाने की बायर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है,” साइमन वीबश, कंट्री डिविजनल हेड, क्रॉप साइंस डिवीजन, बायर (भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका) ने कहा। “एग्रोनॉमिक बुद्धिमत्ता, सरल डिज़ाइन और विश्वसनीय स्थानीय नेटवर्क का मेल छोटे किसानों को अनिश्चितता को अवसर में बदलने की शक्ति देता है।”
एडमे इंश्योरेंस ब्रोकर्स लिमिटेड के सीईओ संजय राधाकृष्णन ने कहा, “लंबे समय से फसल बीमा ने किसानों को अनिश्चितता में छोड़ दिया था। सैटेलाइट इंटेलिजेंस, विकास-चरण आधारित कवरेज और मज़बूत सहयोग के साथ यह लॉन्च एग्री-इंश्योरेंस सेक्टर में आवश्यक परिवर्तन लाता है।”
फसलों और नए क्षेत्रों में विस्तार
आने वाले महीनों में ‘अलिवियो’ को प्याज, मिर्च, आलू, टमाटर, अंगूर और चुनिंदा फल फसलों के लिए और अधिक क्षेत्रों में विस्तारित किया जाएगा। यह बायर के उस वैश्विक लक्ष्य का हिस्सा है जिसके तहत कंपनी 2030 तक 10 करोड़ छोटे किसानों तक पहुँचने की योजना बना रही है। डिजिटल नवाचार इन प्रयासों का केंद्र है, जो उत्पादकता, लचीलापन और स्थिरता को मजबूत करने पर केंद्रित है।
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