किसानों के लिए वरदान है गेहूं की किस्म ‘HD 3388’: सिर्फ 125 दिनों में होगी तैयार, मिलेगी 68 क्विंटल/हेक्टेयर तक उपज
15 नवंबर 2025, नई दिल्ली: किसानों के लिए वरदान है गेहूं की किस्म ‘HD 3388’: सिर्फ 125 दिनों में होगी तैयार, मिलेगी 68 क्विंटल/हेक्टेयर तक उपज – भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-IARI), नई दिल्ली ने गेहूं की नई उन्नत किस्म HD 3388 विकसित की है, जिसे “पूसा यशोधरा” के नाम से भी जाना जाता है। यह किस्म विशेष रूप से पूर्वी भारत के किसानों के लिए तैयार की गई है और गर्मी व बदलते मौसम की परिस्थितियों में भी उच्च पैदावार देने में सक्षम है।
HD 3388 की खासियतें
1. उच्च उपज: इस किस्म से किसानों को प्रति हेक्टेयर लगभग 52 क्विंटल की औसत उपज मिलती है, जबकि अधिकतम उत्पादन क्षमता 68 क्विंटल तक हो सकती है।
2. जल्दी परिपक्वता: यह किस्म केवल 125 दिनों में तैयार हो जाती है, जिससे किसान जल्दी फसल काट सकते हैं।
3. गर्मी सहनशील: HD 3388 में HSI 0.89 का हीट स्ट्रेस इंडेक्स है, यानी यह उच्च तापमान में भी अच्छी उपज देती है।
4. रोग प्रतिरोधक क्षमता: यह पत्ती रतुआ, धारीदार रतुआ और तना रतुआ जैसे प्रमुख रोगों के खिलाफ मजबूत प्रतिरोधक क्षमता रखती है।
5. बेहतरीन गुणवत्ता: इस गेहूं से बनी रोटियों की चपाती क्वालिटी बेहतरीन है, जिससे उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाला अनाज मिलता है और किसानों को अच्छा बाजार मूल्य मिलता है।
कहाँ उपयुक्त है:
ICAR के अनुसार, HD 3388 किस्म पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल (पहाड़ी क्षेत्रों को छोड़कर), ओडिशा और असम के लिए सिफारिश की गई है। ये क्षेत्र गर्मी और नमी की चुनौतियों का सामना करते हैं, इसलिए यह किस्म वहां स्थायी और भरोसेमंद समाधान साबित होगी।
किसानों के लिए लाभ:
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि HD 3388 किस्म “कम समय में अधिक उत्पादन” देने के कारण किसानों के लिए वरदान साबित होगी। गर्मी से होने वाले नुकसान को कम करने के साथ-साथ इसकी उच्च रोटियों की क्वालिटी बाजार में बेहतर मूल्य दिला सकती है।
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