खरपतवार से घट सकती है सोयाबीन की पैदावार, जानिए नियंत्रण के असरदार उपाय
30 जुलाई 2026, नई दिल्ली: खरपतवार से घट सकती है सोयाबीन की पैदावार, जानिए नियंत्रण के असरदार उपाय – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (NSRI), इंदौर ने सोयाबीन किसानों के लिए साप्ताहिक सलाह (27 जुलाई से 2 अगस्त 2026) जारी की है। एडवाइजरी में किसानों को सोयाबीन की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए समय पर आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि फसल की बढ़वार और उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
खरपतवार नियंत्रण के लिए अपनाएं ये उपाय
संस्थान ने किसानों को सलाह दी है कि सोयाबीन की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए सभी संभावित उपाय अपनाएं। इसके तहत खेत में हाथ से निराई-गुड़ाई, डोरा या कुल्पा जैसे कृषि उपकरणों का उपयोग किया जा सकता है। यदि इन तरीकों से नियंत्रण संभव नहीं हो तो सोयाबीन की खड़ी फसल के लिए अनुशंसित खरपतवारनाशक का ही प्रयोग करें।
छिड़काव के समय रखें इन बातों का ध्यान
एडवाइजरी के अनुसार खरपतवारनाशक का छिड़काव करते समय पर्याप्त मात्रा में पानी का उपयोग करना जरूरी है। नैपसैक स्प्रेयर से छिड़काव करने पर 450 से 500 लीटर पानी प्रति हेक्टेयर तथा पावर स्प्रेयर से 120 से 150 लीटर पानी प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें।
सही नोजल का करें इस्तेमाल
संस्थान ने स्पष्ट किया है कि खड़ी फसल में खरपतवारनाशक के प्रभावी छिड़काव के लिए फ्लड जेट या फ्लैट फैन नोजल का ही उपयोग करें। इससे दवा का समान रूप से फैलाव होता है और खरपतवार नियंत्रण बेहतर तरीके से हो पाता है।
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