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फसल की खेती (Crop Cultivation)

आम की फसल में दिखे दाग-धब्बे? एंथ्रेक्नोज़ रोग से ऐसे बचाएं अपनी बागवानी

24 जुलाई 2025, नई दिल्ली: आम की फसल में दिखे दाग-धब्बे? एंथ्रेक्नोज़ रोग से ऐसे बचाएं अपनी बागवानी – देश के कई हिस्सों में आम की फसल में इन दिनों एक खास बीमारी देखने को मिल रही है, जिसका नाम है एंथ्रेक्नोज़ (Anthracnose)। यह एक फंगल रोग है, जो पत्तियों, टहनियों और फलों पर काले या भूरे रंग के दाग-धब्बों के रूप में दिखाई देता है। यदि समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह पूरी फसल को प्रभावित कर सकता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

पूसा संस्थान के विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी खासतौर पर बारिश और उमस वाले मौसम में तेजी से फैलती है। इसकी शुरुआत पत्तियों और फूलों पर छोटे धब्बों से होती है, जो धीरे-धीरे फलों तक पहुँच जाती है और उत्पादन को घटा देती है।

रोग की पहचान कैसे करें?

  • पत्तियों पर भूरे या काले रंग के धब्बे
  • फलों पर गहरे रंग के गोल-गोल दाग
  • टहनियों पर सूखने के लक्षण
  • फूलों का गिरना और सूख जाना

समाधान क्या है? विशेषज्ञों की सलाह

रोग के शुरुआती लक्षण दिखते ही उचित फफूंदनाशी (fungicide) का छिड़काव करना बेहद जरूरी है। पूसा संस्थान के वैज्ञानिकों ने एंथ्रेक्नोज़ रोग के नियंत्रण के लिए एक प्रभावी उपाय सुझाया है।

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उपाय:

कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (Copper Oxychloride) की 600 ग्राम मात्रा को 200 लीटर पानी में घोल लें। इस घोल का 1 एकड़ क्षेत्र में छिड़काव करें।

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इस छिड़काव को बारिश के मौसम में 10-15 दिन के अंतराल पर दोहराया जा सकता है, ताकि रोग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सके।

क्यों जरूरी है समय पर इलाज?

अगर इस बीमारी को नजरअंदाज किया गया तो:

  • उत्पादन में 30-40% तक की गिरावट आ सकती है।
  • फलों की गुणवत्ता और बाजार मूल्य घट जाता है।
  • पौधे कमजोर होकर अगले सीजन में भी खराब परिणाम दे सकते हैं।

फसल की सुरक्षा, मुनाफे की गारंटी

किसानों से अपील है कि जैसे ही आम के बागों में किसी भी प्रकार के दाग-धब्बे या सूखने के लक्षण नजर आएँ, तुरंत विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार फफूंदनाशी का छिड़काव करें। सही समय पर किया गया नियंत्रण न केवल फसल को बचाता है, बल्कि मुनाफे को भी बरकरार रखता है।

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