पौधे के साथ सहजीविता रखने वाला माइकोराइजा फ़र्टिलाइज़र

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2  जून 2022, इंदौर । पौधे के साथ सहजीविता रखने वाला माइकोराइजा फ़र्टिलाइज़र – भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद- भारतीय सोयाबीन अनुसन्धान संस्थान के वैज्ञानिकद्वय दीपांती चौरसिया और डॉ महावीर पी शर्मा के अनुसार  माइकोराइजा  एक प्रकार का फ़ंगस है, जो पौधे  के साथ सहजीविता रखता है।हमारी भूमि पर 90% पौधों  के साथ संबंध बना सकता है। 

इस फ़र्टिलायज़र के उपयोग से हम रासायनिक केमिकल की मात्रा को कम कर सकते हैं ,क्योंकि यह फ़र्टिलायज़र ना सिर्फ़ फ़ास्फोरस की मात्रा बढ़ाकर उत्पादन में सहयोग करता है, बल्कि माइकोराइजा फ़र्टिलायज़र के निम्नलिखित फ़ायदे भी हैं –

1. यह हमारे वातावरण की बढ़ती  हुई  कार्बन डाय ऑक्साइड  को गलोमेलिन प्रोटीन के द्वारा कम करता है। 
2. यह सूक्ष्म पोषक तत्वों  की पूर्ति करता है जैसे नाइट्रोजन, फ़ास्फोरस,ज़िंक,कॉपर और अन्य.
3. पानी की कमी होने पर माइकोराइजा  का हाइफ़ा जड़ों  से दूर तक जाके पानी पौधे को प्रदान करता है।
4. हेवी मेटल वाली मिट्टी जो नाले के किनारे, या उद्योग से निकले पानी से मिट्टी अवांछनीय हो जाती  है, वहाँ भी यह फ़र्टिलायज़र के उपयोग से पौधों को उगाया जा सकता है, 
5. यह फ़र्टिलायज़र में रोगी जीवाणु नियंत्रण में भी कारगर साबित हुआ है। 
6. यह सभी प्रकार के जैविक और  ओर अजैविक  तनाव की  स्थिति में पौधे को सहयोग करता है ज़ेसे खारी मिट्टी, भारी धातु वाली ज़मीन, सूखा और अन्य क्षेत्र  में।

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