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फसल की खेती (Crop Cultivation)

मीठे पानी में टीकमगढ़ में मोती की खेती की शुरूआत कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा

24 दिसंबर 2021, टीकमगढ़ । मीठे पानी में टीकमगढ़ में मोती की खेती की शुरूआत कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा – कृषि विज्ञान केन्द्र, टीकमगढ़ द्वारा किसानों की आय बढ़ाने के लिये कृषि तकनीकी विस्तार के माध्यम से लगातार प्रयासरत है। डॉ. बी.एस. किरार प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख ने बताया कि वैकल्पिक कृषि तकनीकियों को जिले में कृषकों को सिखाया जा रहा है। जिससे जलवायु परिवर्तन पर होने वाले मौसम की मार से फसलों के नष्ट होने पर कृषकों की आर्थिक क्षति को पूरा किया जा सके। एक मोती में 82 से 86 प्रतिशत कैल्शियम कार्बोनेट के एरागोनाइट क्रिस्टल, 10 से 14 प्रतिशत जैविक मैट्रिक्स, एक स्केलेरो प्रोटीन जो कान कोलीन के नाम से जाना जाता है तथा 2 से 4 प्रतिशत पानी से रचित होता है मोती की विशिष्ट गुरूत्व 2.7 प्रतिशत तथा मोती ही केवल एक अनूठा रत्न है जो केवल जीवन्त प्राणी के शरीर में बनता है। इसकी खेती मीठे जल में भी कृत्रिम रूप से की जा सकती है। भारत में 50 से ज्यादा मीठे जल में पालने वाले सीपों की प्रजातियाँ पाई जाती है।

सीप के अन्दर कोई बाहरी कण के जाने से सीप उसके ऊपर कैल्शियम की परत को चढ़ा देता है। इस प्रकार कृत्रिम रूप से मोती पालन में एक कृत्रिम बीज का निर्माण करके सीप के अन्दर रख देते हैं जो 8-12 महीने के भीतर मोती का निर्माण हो जाता है। डॉ. आर.के. प्रजापति, वैज्ञानिक द्वारा मोती संवर्धन की जानकारी केन्द्रीय मीठा जल जीव पालन अनुसंधान संस्थान भुवनेश्वर से प्राप्त करके टीकमगढ़़ के कृषकों को मोती संवर्धन सिखाया जा रहा है। डॉ. प्रजापति का कहना है कि मोती की खेती के लिये खेतों की जरूरत नहीं इसको बुन्देलखण्ड के कुओं, तालाबों, नदियों या घर पर पानी का टेंक बनाकर किया जा सकता है।

मोती उत्पादन से एक साल में चालीस गुना मुनाफा कमाया जा सकता है इनको तैयार करने में मात्र दस रुपये का खर्च एक मोती पर आता है तैयार होने के बाद कम से कम एक मोती 200 रु. तक बिकता है ग्राम लहरगुआं के युवक किसान अभिषेक नायक ने मोती की खेती में शुरूआत कर नई उम्मीदों को जगा दिया है पारंपरिक कृषि के समानंतर यह नया प्रयोग इस पूरे क्षेत्र में विकास के नए आयाम गढ़ सकता है। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. यू.एस. धाकड़ और जयपाल छिगारहा के साथ-साथ प्रोग्रेसिव कृषक भी उपस्थित रहे।

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