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फसल की खेती (Crop Cultivation)

कपास की खेती के लिए भूमि की तैयारी: उपज बढ़ाने के नए और प्रभावी तरीके

28 मई 2024, खरगोन: कपास की खेती के लिए भूमि की तैयारी: उपज बढ़ाने के नए और प्रभावी तरीके – भूमि की उचित तैयारी कपास की खेती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सही तैयारी से फसल की उपज और गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है।

कपास की खेती के लिए भूमि की उचित तैयारी आवश्यक है:

गहरी जुताई: 25-30 सेमी गहराई तक भूमि की जुताई करें ताकि मिट्टी की संरचना में सुधार हो सके। गहरी जुताई से मिट्टी में हवा और नमी का संतुलन बना रहता है, जिससे पौधों की जड़ें स्वस्थ रहती हैं।

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समतलीकरण: भूमि को समतल करें ताकि पानी का समान वितरण हो सके। समतलीकरण से पानी का उपयोग दक्षता बढ़ती है और जल संसाधनों की बचत होती है।

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जैविक खाद: भूमि की उर्वरता बढ़ाने के लिए 10-15 टन प्रति हेक्टेयर गोबर की खाद मिलाएं। जैविक खाद से मिट्टी की जैविक संरचना में सुधार होता है, जिससे पौधों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं।

नए तरीके:

1.       डीप प्लॉइंग (Deep Plowing): गहरी जुताई से जड़ों को अधिक गहराई तक फैलने की जगह मिलती है, जिससे पौधे सूखा सहन कर सकते हैं और स्वस्थ रहते हैं।

2.       जीरो टिलेज (Zero Tillage): इस विधि में भूमि की जुताई नहीं की जाती, जिससे मिट्टी की नमी बरकरार रहती है और मिट्टी का अपरदन कम होता है। यह विधि जैव विविधता को भी बढ़ावा देती है और उत्पादन लागत कम करती है।

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