Ad DesktopAd TabletAd Mobile
फसल की खेती (Crop Cultivation)

सोयाबीन में कीट-खरपतवार दोनों से मिलेगी राहत, ICAR-NSRI ने बताया कौन-सी दवाएं साथ मिलाकर करें छिड़काव  

09 अगस्त 2026, नई दिल्ली: सोयाबीन में कीट-खरपतवार दोनों से मिलेगी राहत, ICAR-NSRI ने बताया कौन-सी दवाएं साथ मिलाकर करें छिड़काव – सोयाबीन की फसल में खरपतवार और कीटों के नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (ICAR-NSRI), इंदौर ने किसानों के लिए उपयोगी सलाह जारी की है। संस्थान की ओर से खरपतवारनाशकों एवं कीटनाशकों की संगतता को लेकर किए गए अनुसंधान परीक्षणों के आधार पर कुछ कीटनाशकों और खरपतवारनाशकों को एक साथ इस्तेमाल करने के लिए उपयुक्त पाया गया है। ऐसे किसान जिन्होंने बुवाई पूर्व (PPI) या बुवाई के तुरंत बाद (PE) उपयोगी खरपतवारनाशकों का प्रयोग नहीं किया है, वे इस अवस्था में अनुशंसित कीटनाशक और खरपतवारनाशक का संयोजन बनाकर छिड़काव कर सकते हैं।

इन कीटनाशकों में से किसी एक का करें चयन

ICAR-NSRI के परीक्षणों में निम्न कीटनाशकों को संबंधित खरपतवारनाशकों के साथ संगत पाया गया है-

  1. Chlorantraniliprole 18.5 SC — 150 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर
  2. Indoxacarb 15.8 EC — 333 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर

किसान इनमें से किसी एक कीटनाशक का चयन कर सकते हैं।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

इन खरपतवारनाशकों के साथ कर सकते हैं मिश्रण

उपरोक्त कीटनाशकों के साथ निम्न में से किसी एक खरपतवारनाशक का इस्तेमाल किया जा सकता है-

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें
  • Imazethapyr 10 SL — 1 लीटर प्रति हेक्टेयर
  • Quizalofop ethyl 5 EC — 1 लीटर प्रति हेक्टेयर

अर्थात किसान सूची में दिए गए किसी एक कीटनाशक और किसी एक खरपतवारनाशक का संयोजन बनाकर छिड़काव कर सकते हैं।

किन किसानों के लिए उपयोगी है यह सलाह?

यह सलाह विशेष रूप से उन किसानों के लिए है, जिन्होंने बुवाई पूर्व (PPI) या बुवाई के तुरंत बाद (PE) उपयोगी खरपतवारनाशकों का प्रयोग नहीं किया है। ऐसे किसान फसल की वर्तमान अवस्था में संस्थान द्वारा संगत पाए गए कीटनाशक और खरपतवारनाशक के संयोजन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

ICAR-NSRI के अनुसार यह सलाह संस्थान में कीटनाशकों और खरपतवारनाशकों की संगतता को लेकर किए गए अनुसंधान परीक्षणों के परिणामों पर आधारित है। किसानों को किसी भी रसायन का इस्तेमाल करते समय अनुशंसित मात्रा और उत्पाद के लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture