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फसल की खेती (Crop Cultivation)

खरीफ फसलों पर मंडरा रहा कातरा कीट का खतरा, रखें सावधानी

30 जुलाई 2025, भोपाल: खरीफ फसलों पर मंडरा रहा कातरा कीट का खतरा, रखें सावधानी – बारिश के इस मौसम में खरीफ फसलों पर कातरा कीट का खतरा मंडरा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सावधानी बरतने के लिए कहा है। 

राजस्थान में  खतरनाक कीट का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा

राजस्थान के कई जिलों के गांवों में इस खतरनाक कीट का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। खरीफ फसलों जैसे मूंग, मोठ, बाजरा और कपास पर कातरा कीट के हमले से फसलों की पत्तियां और तने कटने लगे हैं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है। कृषि विभाग ने कातरा कीट से बचाव के लिए विशेष सर्वे और अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत संयुक्त कृषि निदेशक हरीश मेहरा की निगरानी में एक विशेषज्ञ टीम गठित की गई है, जिसने प्रभावित इलाकों का दौरा कर किसानों को रोकथाम के उपाय बताए हैं। कातरा कीट एक प्रकार का भूरे रंग का लार्वा होता है, जो मुख्यतः रात के समय सक्रिय रहता है। यह फसलों की जड़ों और तनों को नीचे से काट देता है, जिससे पौधे सूखने लगते हैं। खासतौर पर बारिश के बाद जब खेतों में नमी बनी रहती है, तब यह कीट तेजी से अपनी संख्या बढ़ाता है। सहायक कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों को जैसे ही अपने खेत में कातरा कीट का प्रकोप दिखे, उन्हें तुरंत कृषि विभाग द्वारा दिए गए उपाय अपनाने चाहिए ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके।

कीटनाशकों का प्रयोग : फसल की अवस्था और कीट की संख्या के अनुसार, क्लोरोपाइरीफास 20 ईसी (1.5 लीटर प्रति हेक्टेयर) या क्विनालफॉस 25 ईसी जैसे कीटनाशकों का उपयोग कृषि विशेषज्ञ की सलाह से करें। शाम के समय छिड़काव करें ताकि अधिक प्रभावी परिणाम मिलें।

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प्रकाश जाल और ट्रैप का उपयोग : प्रकाश जाल या फेरोमोन ट्रैप लगाकर भी इस कीट को आकर्षित कर नष्ट किया जा सकता है। यह तरीका रासायनिक कीटनाशकों के बिना भी प्रभावी हो सकता है।

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रात्रि में निरीक्षण करें : कातरा कीट रात को ज्यादा सक्रिय रहता है, इसलिए किसानों को रात के समय टॉर्च लेकर खेत का निरीक्षण करना चाहिए। यदि पत्तियां कटी हुई मिलें या पौधों का तना जमीन से टूटा हुआ मिले, तो ये कातरा कीट का संकेत हो सकता है।

 खेत की मेड़ पर खाई बनाएं : किसान अपने खेत की सीमाओं पर 6–8 इंच गहरी खाई (तेई या पलट) बना सकते हैं। इससे बाहर से आने वाले कीट उस खाई में गिर जाएंगे और खेत में नहीं पहुंच पाएंगे।

यदि देर की गई, तो…..

कृषि विभाग ने किसानों को चेतावनी दी है कि कातरा कीट बहुत तेजी से एक खेत से दूसरे खेत में फैलता है, इसलिए यदि पड़ोस में इसका प्रकोप है, तो समय रहते बचाव के उपाय कर लेना बेहद जरूरी है। यदि देर की गई, तो यह कीट पूरी फसल को नष्ट कर सकता है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील की है कि, वह समय-समय पर कीट रोग निरीक्षण करें और खेतों की उचित निगरानी रखें।

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