बेहतर खरीफ के आसार
नई दिल्ली. देश में खरीफ की बुवाई बड़े पैमाने पर कर ली गई है। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों को छोड़कर देशभर में धान, दलहन और तिलहन की अच्छी फसल के आसार हैं। इस खरीफ सीजन
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंनई दिल्ली. देश में खरीफ की बुवाई बड़े पैमाने पर कर ली गई है। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों को छोड़कर देशभर में धान, दलहन और तिलहन की अच्छी फसल के आसार हैं। इस खरीफ सीजन
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंनई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राष्ट्र दूसरी हरित क्रांति के लिए लम्बे समय तक इंतजार नहीं कर सकता और यह पूर्वी भारत से ही आनी चाहिए। श्री मोदी पटना में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 87
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंफसलों की औसत उपज बढ़ाने में उर्वरकों के योगदान से सभी भली -भांति परिचित हैं। फसलोत्पादन प्रमुख घटक बीज, सिंचाई एवं उर्वरक में 50 प्रतिशत से अधिक ‘रोलÓ उर्वरकों का होता है। खरीफ फसलों में मुख्यत: ज्वार, बाजरा, सोयाबीन, अरहर,
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंसमस्या– मैं गेंदे की खेती करना चाहता हूं क्या इसे लगाने का समय है अन्य जानकारी भी दें। – दीपक यादव, होशंगाबाद समाधान- गेंदा वर्ष में तीन बार लगाया जा सकता है। वर्षाकालीन फसल हेतु नर्सरी जून में, शीतकालीन फसल
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंमन्दसौर (जगदीश फरक्या)। जिला मुख्यालय से 17 कि.मी. दूर मल्हारगण तहसील के व्यवसायिक कस्बे पिपलिया मंडी के मुख्य मार्ग पर श्री मनीष परमार ने 18 वर्षो के कड़े अनुभव पर आधारित संस्था माधव बीज भंडार प्रारंभ की। 42 वर्षीय श्री
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंफार्म स्कूल के समीप ग्रामों में प्रशिक्षण बड़वानी। कृषकों को उनके आवास पर कृषि संबंधी जानकारी दी जावे इसी उद्देश्य से के.जे. एजुकेशन सोसायटी भोपाल ने जिले के तीनों विकासखंड सेंधवा, निवाली, पानसेमल में आवासीय स्कूल प्रारंभ किये। म.प्र. शासन
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंनैगवां (कटनी) (रामसुख दुबे) । जैविक खेती को प्रोत्साहन देने के लिये कटनी विकासखंड के ग्राम, जुहला, मतवार पड़रिया, घटखिरवा, पिलौंजी, विपरहटा एवं वि.खंड-ढीमरखेड़ा के ग्राम-मुरवारी, टिकरिया, अंतर्वेद आदि के कृषकों के दलों को जैविक कृषि पाठशाला भवन ग्राम-नैगवां में
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंसमस्या– मैं गेंदे की खेती करना चाहता हूं क्या इसे लगाने का समय है अन्य जानकारी भी दें। – दीपक यादव, होशंगाबाद समाधान- गेंदा वर्ष में तीन बार लगाया जा सकता है। वर्षाकालीन फसल हेतु नर्सरी जून में, शीतकालीन फसल
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंकृषि को मानसून की दासी कहा जाये तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। कुछ दशक पहले मानसून 15 जून तक दरवाजा खटखटा देता था। कृषकों के खेत तैयार रहते थे बतर आते ही जून अंत तक खरीफ फसलों की बुआई पूरी
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंमहेशपुरराज से मेरा पुराना संबंध है। झारखंड-पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित यह गांव पाकुड जिला (संथाल परगना) का एक पुराना प्रखंड है। सड़क मार्ग के अलावा पटना-हावड़ा लूप रेल लाइन पर बीरभूमि (पश्चिम बंगाल) के मुरारई स्टेशन से 10
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