सर्दियों में फिटनेस के स्मार्ट टिप्स
सर्दियों की शुरुआत से ही कई लोग फिट रहने के लिए कई तौर-तरीके आजमाना शुरू कर देते हैं। कोई सुबह उठकर दौड़ लगाता है तो कोई मैदान में जाकर कसरत करता है। कोई स्वीमिंग पूल में जाकर तैरना शुरू करता
सर्दियों की शुरुआत से ही कई लोग फिट रहने के लिए कई तौर-तरीके आजमाना शुरू कर देते हैं। कोई सुबह उठकर दौड़ लगाता है तो कोई मैदान में जाकर कसरत करता है। कोई स्वीमिंग पूल में जाकर तैरना शुरू करता
नैगवां (कटनी)। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री रामसुख दुबे विगत दिनों अपने पद से सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बोहरीबंद में विदाई कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें
पन्ना। कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना द्वारा गत दिवस विकासखण्ड शाहनगर की ग्राम रूपझिर में प्रधानमंत्री फसल बीमा एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर एक कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कृषक संगोष्ठी का आयोजन अध्यक्ष कृषि स्थायी समिति जिला पंचायत पन्ना
होशंगाबाद। बीएल बिलैया संयुक्त संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास नर्मदापुरम् संभाग होशंगाबाद ने बताया गया है कि वर्तमान में विशेषकर दलहन फसल के रकबे में बढ़ोतरी हुई है। संभाग में धारवाड़ पद्धति से अरहर फसल की बोनी की गई
मुम्बई। अस्पी एग्रीकल्चर एण्ड रिसर्च फाउण्डेशन ने अपने 18वें अस्पी एल.एम. पटेल अवॉर्ड से किसनों को पुरस्कृत किया। यह अवॉर्ड अस्पी के संस्थापक श्री एल.एम. पटेल की स्मृति में दिया जाता है। यह पुरस्कार तीन श्रेणियों बारानी, उद्यानिकी एवं सर्वोत्तम
नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री रामविलास पासवान से निरंतर वृद्धि व अनुकूलन तथा बेहतर आर्थिक प्रदर्शन का पुरस्कार प्राप्त करते हुए राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर लि. के श्री यू.वी. धतरक कार्यकारी निदेशक (पी.एंड पी.डी.), श्री
भोपाल। रिलांयस फाउंडेशन के द्वारा सीहोर जिले के ग्राम बिजलोन में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व कृषि संचालक व वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. जी.एस. कौशल ने किसानों को जैविक खेती
(विशेष प्रतिनिधि) नई दिल्ली/भोपाल। देश एवं प्रदेश में रबी फसलों की बोनी समाप्ति की ओर बढ़ रही है। अब तक देश में 582.87 लाख हेक्टेयर में बुवाई कर ली गई है जबकि गत वर्ष इस अवधि में 545.46 लाख हेक्टेयर
पिछले कुछ दिनों से टमाटर तथा प्याज उत्पादक किसान इन उत्पादों के बाजार मूल्यों में कमी से परेशान हैं। इन उत्पादों का अधिक उत्पादन करना भी उनके लिए अभिशाप सिद्ध हो रहा है। किसान ने अपनी लागत व समय लगाकर
राज्य में जिलास्तर पर आयोजित कृषि सम्मेलनों में प्रदेश के मुखिया सहित राज्यभर के मंत्री खेती को लाभ का धन्धा बनाने के आश्वासन निरंतर ही दे रहे है। लेकिन वास्तविकता के धरातल पर खेती की आय में कहीं से कोई