नदी को अविरल बहने दें
अगस्त-सितम्बर 2016 में कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी नदी के पानी को छोड़े जाने को लेकर बेहद उग्र वातावरण बना हुआ था। सर्वोच्च न्यायालय भी अपने आदेशों को लागू करवाने में मुश्किलों का अनुभव कर रहा था। लगभग उसी
अगस्त-सितम्बर 2016 में कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी नदी के पानी को छोड़े जाने को लेकर बेहद उग्र वातावरण बना हुआ था। सर्वोच्च न्यायालय भी अपने आदेशों को लागू करवाने में मुश्किलों का अनुभव कर रहा था। लगभग उसी
देश एवं प्रदेश में वनौषधियों की अपार सम्पदा है। इस सम्पदा के विदोहन को रोकने के लिए संरक्षण, संर्वधन एवं व्यावसायीकरण करके राष्ट्रीय एवं अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर मांग की आपूर्ति की जा सकती है। इस व्यावसायिक दृष्टिकोण को ध्यान में
ब्याने के बाद मेमनों की देखभाल: जून-जुलाई माह में बरसात के बाद उगी हुई वनस्पतियों को खाने के बाद अक्टूबर से दिसंबर माह में ज्यादातर मादा बकरियां ब्याती हैं। यह ऋतु बेहद ठंडा होने के कारण इसमें मेमनों की विशेष
भोपाल। केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री अनंत कुमार ने यहाँ डिजी धन मेले में मध्यप्रदेश में 200 प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केन्द्र खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके लिये मध्यप्रदेश के साथ एम.ओ.यू किया जायेगा। वे स्थानीय बिट्टन
छिंदवाड़ा। रिलायंस फाउंडेशन की ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक एवं कृषि विकास के लिये की जा रही गतिविधियों से अनेक ग्रामीण लाभान्वित हो रहे हैं। जिले के ग्राम थावरी के लघु कृषक श्री लक्ष्मण धुर्वे भी ऐसे ही एक ग्रामीण हैं।
भोपाल। राज्य शासन के दिशा-निर्देशानुसार इस वर्ष भी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिये व्यापक तैयारियां पूरी हो गयी हैं। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिये इस वर्ष भी किसानों का पंजीयन किया जा रहा है। पंजीयन का
(विशेष प्रतिनिधि) भोपाल। कृषि महाविद्यालय इंदौर की 20 एकड़ जमीन कोर्ट भवन निर्माण के लिए दिए जाने का मामला गरमाता जा रहा है। विरोध के स्वर तीखे हो गए हैं। कृषि विभाग ने भी भूमि देने का विरोध करते हुए
– मांगलिया यादव, उज्जैन समस्या- आपका प्रश्न सामयिक है जवाब से अन्य कृषक भी अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित होगा। आप निम्न उपाय करके अच्छा उत्पादन तथा जाति विशेष का बीज भी स्वयं का बना सकते हैं ताकि आने वाले
– सूरज प्रसाद, बीना समाधान- वर्तमान में गेहूं की पत्तियों पर आमतौर पर भूरे धब्बे का रोग आता है जो बीजारूढ़ है। वर्तमान में हुई वर्षा के असर से गेरुआ रोग भी आ सकता है। भूरा धब्बा रोग में पत्तियों
पन्ना। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत दीनदयाल अंत्योदय योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं कृषि विभाग के समन्वय से ग्राम दहलानचौकी में एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि विभाग से सहायक संचालक कृषि एल.एल. धान्या, आत्मा