पशुपालन (Animal Husbandry)

पशुपालक पशुओं में दंतविन्यास से आयु का अनुमान कैसे लगाएँ

लेखक: डॉ. अलका सुमन, डॉ. एस. के. गुप्ता, डॉ. योगिता पांडेय, डॉ. शशि टेकाम एवं डॉ. शिवानी खरे, नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर

28 अगस्त 2025, भोपाल: पशुपालक पशुओं में दंतविन्यास से आयु का अनुमान कैसे लगाएँ – पशुओं की सही देखभाल और प्रबंधन के लिए उनकी आयु का पता होना आवश्यक है। विशेष रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन में यह ज्ञान अत्यंत उपयोगी साबित होता है। चूँकि पशु अपनी आयु स्वयं नहीं बता सकते, इसलिए किसान और पशुपालक आयु जानने के लिए मुख्यतः दंतविन्यास (दाँतों की स्थिति व विकास) का सहारा लेते हैं। यह तरीका प्राचीन समय से प्रचलित है और आज भी वैज्ञानिक रूप से सही माना जाता है। पशुपालकों के लिए यह जानना बहुत ज़रूरी है कि उनके पशु की आयु कितनी है। इससे उन्हें दूध उत्पादन, प्रजनन (ब्रीडिंग), दवा देने और खरीद–फरोख्त में सही निर्णय लेने में मदद मिलती है।

1. दंतविन्यास क्या है?

दंतविन्यास का मतलब है – पशु के मुँह में दाँतों की संख्या, उनका आकार, स्थिति और घिसाव की अवस्था।

  • दुग्धदंत (Milk Teeth): छोटे और सफेद दाँत जो जन्म के समय से होते हैं।
  • स्थायी दाँत (Permanent Teeth): मज़बूत और बड़े दाँत जो दुग्धदंत की जगह धीरे-धीरे निकलते हैं।
  • समय के साथ दाँत घिसते और छोटे होते जाते हैं, जिससे आयु का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

1. दंतविन्यास का महत्व

पशुओं के जीवन चक्र, उनकी उत्पादन क्षमता और प्रबंधन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए दंतविन्यास का अत्यधिक महत्व है। चूँकि अधिकांश पशुओं की जन्म तिथि का लिखित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होता, ऐसे में दाँतों की स्थिति, संख्या और घिसाव देखकर उनकी आयु का अनुमान लगाना सबसे विश्वसनीय और सरल तरीका माना जाता है। आयु निर्धारण के माध्यम से यह पता लगाया जा सकता है कि पशु दूध उत्पादन के सर्वोत्तम काल में है या प्रजनन के लिए उपयुक्त अवस्था में है। युवा पशु प्रजनन और कामकाज के लिए अधिक उपयोगी होते हैं, जबकि अत्यधिक बूढ़े पशु उत्पादन क्षमता में कमजोर हो जाते हैं। पशुओं की खरीद–फरोख्त में भी दंतविन्यास का विशेष महत्व है। बाजार में कई बार विक्रेता पशु की वास्तविक आयु छिपा लेते हैं, लेकिन दाँतों की स्थिति देखकर खरीदार आसानी से जान सकता है कि पशु युवा है या बूढ़ा। यही नहीं, दाँतों के अत्यधिक घिसने या टूटने से यह भी स्पष्ट हो जाता है कि पशु को कठोर आहार पचाने में कठिनाई हो रही है, इसलिए उसके लिए मुलायम और संतुलित चारे की आवश्यकता है। इस प्रकार दंतविन्यास न केवल आयु का अनुमान लगाने का साधन है, बल्कि पशु के स्वास्थ्य और पोषण स्थिति का भी दर्पण है।

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2. जन्म से लेकर 2 वर्ष तक

  • जन्म से 1 माह तक – बछड़े या बकरी के बच्चे के सभी दाँत दूध के दाँत (दुग्धदंत) होते हैं।
  • 1 से 1.5 वर्ष – आगे के दो स्थायी दाँत निकल आते हैं।
  • 2 वर्ष की आयु – आगे के चार स्थायी दाँत स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगते हैं।

3. 2 से 5 वर्ष तक

  • 2.5 से 3 वर्ष – मध्य के दाँत स्थायी रूप से आ जाते हैं।
  • 3.5 से 4 वर्ष – दूसरे जोड़े के दाँत स्थायी हो जाते हैं।
  • 4.5 से 5 वर्ष – लगभग सभी स्थायी दाँत निकल आते हैं। इस अवस्था में पशु को पूरी तरह युवा माना जाता है।

4. 6 वर्ष से आगे

  • 6 से 8 वर्ष – दाँतों के किनारे घिसने लगते हैं और सतह पर हल्की रेखाएँ दिखती हैं।
  • 8 से 10 वर्ष – दाँत छोटे, गोल और घिसे हुए दिखाई देने लगते हैं।
  • 10 वर्ष से अधिक – कई दाँत गिरने लगते हैं, जिससे पशु की उम्र का अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है।

5. सीमाएँ

यद्यपि दंतविन्यास से आयु का अनुमान काफी हद तक सही होता है, लेकिन यह पूरी तरह सटीक नहीं होता। पोषण, दाने-पानी की गुणवत्ता, चबाने की आदत और पालन-पोषण की स्थिति भी दाँतों के घिसाव को प्रभावित करती है।

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आयु निर्धारण तालिका

आयु (वर्ष)दाँतों की स्थितिविवरण
जन्म से 1 माह तकसभी दूध के दाँत (छोटे और सफेद)बछड़ा या बकरी का बच्चा केवल दुग्धदंत के साथ जन्म लेता है।
1 – 1.5 वर्षआगे के बीच वाले 2 दाँत स्थायी हो जाते हैंइनका आकार दूध के दाँतों से बड़ा और मजबूत होता है।
2 वर्षआगे के 4 दाँत स्थायी हो जाते हैंसामने का हिस्सा स्थायी दाँतों से भर जाता है।
2.5 – 3 वर्षअगले 6 दाँत स्थायी हो जाते हैंधीरे-धीरे दूध के दाँत गिरने लगते हैं और उनकी जगह स्थायी दाँत लेते हैं।
3.5 – 4 वर्षअगले 8 दाँत स्थायी हो जाते हैंइस अवस्था तक आधे से अधिक दाँत स्थायी हो जाते हैं।
4.5 – 5 वर्षसभी स्थायी दाँत निकल आते हैंपशु पूरी तरह से युवा हो जाता है। यह प्रजनन और काम करने के लिए सर्वोत्तम आयु है।
6 – 8 वर्षदाँतों का घिसाव शुरूदाँतों की सतह सपाट हो जाती है, किनारे घिसने लगते हैं।
8 – 10 वर्षदाँत छोटे और गोल दिखाई देने लगते हैंघिसाई अधिक होती है, चबाने की क्षमता थोड़ी घटने लगती है।
10 वर्ष से अधिककई दाँत गिरने लगते हैंपशु बुढ़ापे में प्रवेश कर जाता है, दाँत टूटे या अनुपस्थित मिलते हैं।
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निष्कर्ष

पशुओं की आयु का अनुमान लगाने के लिए दंतविन्यास सबसे व्यवहारिक और पारंपरिक तरीका है। किसान और पशुपालक यदि दाँतों की स्थिति पर ध्यान दें तो वे अपने पशुओं के प्रबंधन, दवा देने, प्रजनन और बिक्री-खरीद के समय सही निर्णय ले सकते हैं।

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