ट्रैक्टर में डीजल की बचत करें

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छोटी-छोटी बातों पर अमल करें ट्रैक्टर में डीजल की बचत करें

  • ट्रैक्टर रोकने के बाद इंजन बंद कर दें। स्टार्ट अवस्था में खड़े ट्रैक्टर से प्रति घंटा एक लीटर से अधिक डीजल की बरबादी होती है।
  • ईंधन की टंकी, फ्यूल पम्प, फ्यूल इंजेक्टर और फ्यूल लाईंस के हरेक जोड़ों की जांच करें कि कहीं रिसाव तो नहीं है। प्रति सेकेण्ड एक बूंद रिसाव से सालाना 2000 लीटर तक ईंधन की क्षति हो सकती है।
  • धुआँ छोड़ता ट्रैक्टर ईंधन की अधिक खपत करता है। उसे पूरी मरम्मत की जरूरत होती है नोजल्स की जांच कर लें तथा फ्यूल इंजक्शन पम्प (एफआईपी) को दुबारा कैलिबे्रट करवा लें।
  • घिसे हुए टायरों से डीजल की बरबादी होती है। पानी के झोंके से फिसलन पैदा नहीं करें।
  • ट्रैक्टर के टायरों को सही समय पर बदलें। घिसे टायर से खींचने की ताकत घट जाती है।
  • इंजन के हॉर्स पॉवर के अनुसार ही कृषि या अन्य उपकरण जोड़ें। यह ट्रैक्टर की परिचालन गति से भी मेल खाता हो।
  • लंबे हल से खेत जोतें। इंजन बिना उपयोग के स्टार्ट न रहने दें। ट्रैक्टर को बैक करने और अचानक मोडऩे से परहेज करें।
  • ट्रैक्टर की समुचित देखभाल करें और 25 प्रतिशत तक बहुमूल्य ईंधन की बचत करें।

लिफ्ट सिंचाई पम्प में डीजल की बचत कैसे करें

  • आईएसआई निशान वाले ‘फुट वाल्व’ का उपयोग करें जिसका मुंह बड़ा हो ताकि डीजल कम जले।
  • बड़े गोलाई (व्यास) वाले पाइप का उपयोग करें ताकि घर्षण से होने वाली ऊर्जा की क्षति कम हो और पानी की बौछार अधिक हो।
  • गैल्वेनाइज्ड आयरन पाइप के बदले ठोस पीवीसी/एचडीपीई पाइप लाइन के उपयोग से भी ईंधन की बचत होती है।
  • पाइप में जितने कम जोड़ और अन्य उपकरण लगे हों उतना अधिक डीजल की बचत और पानी की उतनी अच्छी बौछार होगी।
  • पाइप में तीव्र मोड़ और अंग्रेजी अक्षर ‘एल’ आकार के जोड़ न होने दें।
  • पम्प को पानी के स्तर से 10 फुट से अधिक ऊंचे स्थान पर न लगाएं।
  • पानी निकालने वाली पाइप अधिक ऊंचाई पर हो तो अधिक ईंधन की खपत होती है।
  • सही ग्रेड के ऑईल का उपयोग करें जो पम्प उत्पादक के निर्देशानुसार हो।
  • एयर फिल्टर/ऑयल फिल्टर की नियमित सफाई करें।
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