इस वर्ष गेहूं का होगा बम्पर उत्पादन : श्री मोहनलाल

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(अतुल सक्सेना)
भोपाल। म.प्र. में इस वर्ष गेहूं का बम्पर उत्पादन होने का अनुमान है। इसके साथ ही अन्य फसलों का उत्पादन भी बेहतर होगा, क्योंकि मौसम अनुकूल रहा है। इस वर्ष 2016-17 में कुल खाद्यान्न उत्पादन 414.58 लाख टन होने का अनुमान है इसमें केवल गेहूं का उत्पादन 210 लाख टन से अधिक होने का अनुमान शामिल है। इसे देखते हुए अगले वर्ष भी कृषि कर्मण अवॉर्ड के लिए म.प्र. के प्रबल दावेदार बनने की संभावना बढ़ गई है। वर्ष 2015-16 के कृषि कर्मण अवॉर्ड के लिए लगातार पांचवीं बार प्रदेश ने गत दिनों दावा ठोंक दिया है तथा स्क्रीनिंग कमेटी के सामने प्रस्तुतिकरण भी प्रभावी रहा है।

उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश के संचालक कृषि श्री मोहनलाल ने बताया कि इस वर्ष गेहूं की उत्पादकता भी 3271 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक पहुंचने की संभावना है। किसानों ने लगभग 64 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बोनी की है। इन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों का रुझान शरबती की तरफ बढ़ा है इसके साथ ही ड्यूरम, लोक-1 एवं अन्य उन्नत किस्में भी किसान लगा रहे हैं।
संचालक कृषि ने बताया कि प्रदेश में सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषक हितैषी नीतियां तथा कृषि यंत्रीकरण की उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका है। पिछले एक-दो वर्षों में मौसम की बेरुखी के बावजूद किसान उत्पादकता निरंतर बनाए रखने में सफल रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष चने का उत्पादन भी गत वर्ष की तुलना में लगभग 4 लाख टन बढ़कर 37.70 लाख टन होने का अनुमान है। वहीं खरीफ में धान का उत्पादन 72.55 लाख टन, सोयाबीन का उत्पादन 70.48 लाख टन एवं अरहर का उत्पादन 10.45 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है।
श्री मोहनलाल ने बताया कि वर्ष 2015-16 में कुल खाद्यान्न उत्पादन 339 लाख 51 हजार टन हुआ है इसमें मुख्यत: गेहूं का उत्पादन 184.10 लाख टन है। साथ ही धान का उत्पादन 53.20 लाख टन हुआ है। इसी आधार पर लगातार पांचवें कृषि कर्मण अवार्ड के लिए प्रदेश ने अपना दावा प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि गेहूं उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2014-15 में गेहूं का उत्पादन 171.03 लाख टन था, वह 2015-16 में 184.10 लाख टन हो गया तथा इस वर्ष 2016-17 में 210.06 लाख टन होने का अनुमान है। इसी प्रकार गेहूं की उत्पादकता 2014-15 में 2850 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर थी वह 2015-16 में 3115 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हो गई है तथा इस वर्ष 2016-17 में 3271 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक पहुंचने का अनुमान है।

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