चीनी आयात शुल्क से मुक्त

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नई दिल्ली। चीनी के बढ़ते भाव पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने गत दिनों कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की मंजूरी दे दी। यह छूट 12 जून तक के लिए है। इस दौरान पांच लाख टन रॉ शुगर यानी कच्ची चीनी आयात हो सकेगी। वैसे चीनी के आयात पर 40 फीसदी शुल्क की व्यवस्था है।
सरकार ने बहुत सोच-समझकर यह फैसला किया है। देश में इस साल चीनी उत्पादन में कमी आने की आशंका है। करीब 2.3 करोड़ टन चीनी उत्पादन के आसार हैं जबकि सालाना खपत लगभग 2.5 करोड़ टन होती है। इस हिसाब से खपत के मुकाबले 50 लाख टन चीनी का उत्पादन कम होगा। पिछले साल देश में 2.51 करोड़ टन चीनी का उत्पादन हुआ था।
महाराष्ट्र में इस साल केवल 42 लाख टन चीनी उत्पादन की संभावना है, जबकि 2015-16 में वहां 84 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है। ऐसे में यहां शुल्क मुक्त चीनी आयात होने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों को सपोर्ट मिलेगा।
एक ग्लोबल ट्रेडिंग फर्म के लिए मुंबई में काम करने वाले एक ट्रेडर ने कहा, ‘शुल्क मुक्त आयात से बहुत फायदा होगा। घरेलू और विदेशी बाजार में चीनी के भाव में 5-6 हजार रुपये प्रति टन तक का अंतर है।
महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज फेडरेशन के एमडी ने कहा, ‘आयात की जरूरत नहीं थी। पिछले साल के बचे स्टॉक की बदौलत स्थानीय आपूर्ति पर्याप्त थी। 2016-17 के चीनी वर्ष की शुरुआत 77.5 लाख टन बचे हुए स्टॉक के साथ हुई थी।Ó

चीनी उत्पादन 10 फीसदी घटने की संभावना
मुंबई। उद्योग जगत की रेटिंग एजेंसी इक्रा ने भी इस साल देश में चीनी उत्पादन कम होने का अनुमान लगाया है। उसने कहा है कि देश में चीनी उत्पादन चीनी वर्ष 2017 में 10 प्रतिशत घटकर 203 लाख टन रह सकता है। चीनी मिलों की संस्था इस्मा भी उत्पादन कम होने का अनुमान व्यक्त कर चुकी है। हालांकि  सरकार के मुताबिक इस साल देश में 225 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है।

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