सदाबहार की खेती करना चाहता हूं, सुझाव दीजिये।

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समाधान

  • सदाबहार की खेती के लिए हल्की दोमट से रेतीली भूमि जिसमें पानी का निकास अच्छा हो उपयुक्त रहती है।
  • खेत तैयार करते समय 50-60 क्विंटल गोबर खाद तथा 100 किलोग्राम सुपरफास्फेट तथा 50 किलो नीम की खली मिट्टी में मिला दें।
  • अप्रैल-मई में पौधशाला में पौध तैयार करें। प्रति एकड़ 200 ग्राम बीज की आवश्यकता होगी। बीज को 15-16 घंटे पानी में भिगो लें, फिर उसे दो किलो बालू में मिलाकर बुआई करें ताकि पौध समान रूप से उगे।
  • जुलाई में पौध की रोपाई खेत में करें। लाइन से लाइन की दूरी 45 से.मी. तथा पौधे से पौधे की दूरी 30 से.मी. रखें। एक एकड़ में लगभग 31200 पौधे आयेंगे।
  • पुरानी पत्तियों की पहली तुड़ाई 6 माह बाद करें, फिर तीन माह के बाद तुड़ाई करते रहें। पत्तियों को छाया में पक्के फर्श पर सुखा लें।
  • जड़ों को बुआई के 9-12 माह बाद निकालें। इस अवस्था में एल्केलाइड्स अधिक मात्रा में प्राप्त होती है, जड़ों को अच्छी तरह सुखा लें।
  • इसकी जड़ें, पत्तियां तथा बीज को विक्रय कर लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

– रोहित पटेल, नरसिंहपुर

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