वैज्ञानिकों ने बताये सोयाबीन में इल्लियों व बीमारियों से बचाव के तरीके

Share

शाजापुुर। म.प्र. किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की पी.पी. पार्टनर संस्था के.जे. एजुकेशन सोसायटी भोपाल ने जिले के मोहन बड़ोदिया, कालापीपल विकासखंड के एक-एक ग्राम का चयन कर खरीफ 2015 की गतिविधियां प्रारंभ की। सोसायटी ने वि.ख. मोहन बड़ोदिया के ग्राम बुडलाय, कालापीपल के ग्राम हर्राजखेड़ा में फार्म स्कूल, आवासीय अध्ययन, समूह क्षमता विकास, फार्म स्कूल अंतर्गत प्रगतिशील कृषक फसल प्रदर्शन कृषि आदान जिले के कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में आयोजित किये। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. राजीव उमट कार्यक्रम समन्वयक वरिष्ठ वैज्ञानिक, डॉ. जी.आर. अम्बावतिया, डॉ. एन.एस. खेड़कर ने जिले की मुख्य फसल सोयाबीन में पिछले हफ्ते में तेज बारिश के कारण फसल में इल्लियों के प्रकोप के बारे में रोकथाम की जानकारी दी।
lkk
इसी प्रकार बिना अनुशंसित जातियां जैसे 1025, 1044 में बीमारियों का प्रकोप ज्यादा पाया गया है। कृषकों के खेत में एन्थ्रेक्नोज, रायजोक्टोनिया, एरियल ब्लाइट, जड़ गलन, पद गलन, स्केलेरोशियम तथा बैक्टेरियल पश्च्यूल का जटिल मिश्रित प्रकोप देखा गया है। इनकी रोकथाम के लिये वैज्ञानिकों द्वारा सर्वप्रथम रैनोक्सीपियर 20 ए.सी. 100 एम.एल. प्रति हेक्टेयर या इन्डोक्साकार्ब+ साइपरमेथ्रिन 14.5 एस.सी. 300 एम.एल. प्रति हेक्टेयर 500-600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। बीमारियों की रोकथाम के लिए हेक्साकॉनोजाल 5 प्रतिशत एस.सी. 500-700 एम.एल. प्रति हेक्टेयर + स्ट्रेप्टोसाइक्लीन 30 ग्राम प्रति हेक्टेयर के मान से 500-600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। जिन खेतों में पानी भरा हुआ है। किसान भाई वहां तत्काल जल का निकास करें।
Untitled
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र (गिरवर) शाजापुर में 6 माह के प्रशिक्षण में आई सीहोर कृषि महाविद्यालय की छात्राओं ने भी कृषकों को प्रशिक्षित किया। कृषकों को छात्राओं ने उन्नत बीज किस्म के उपयोग के तरीके भी बताये। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के प्रगतिशील कृषक श्री शरद भंडावद ग्राम मंडलखाँ ने भी अपने खेती संबंधी अनुभव का परिचय दिया। कार्यक्रम में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, श्री विष्णु कुमार शिवहरे श्री योगेन्द्र उपाध्याय ने भी कृषि विभाग की योजनाओं के बारे में कृषकों को जानकारी दी।
फार्म स्कूल प्रशिक्षण दौरान वैज्ञानिकों ने कृषि विभाग के अधिकारियों एवं सोसायटी के जिला समन्वयक द्वारा कालापीपल वि.ख. के ग्राम खरदौनकला के प्रगतिशील कृषक श्री जय नारायण पाटीदार के खेत में लगी सोयाबीन फसल की विभिन्न प्रजातियों का निरीक्षण किया गया। एवं फसल को बीमारी से बचाने के तरीके बताये गये एवं विभिन्न ग्रामों के कृषकों के खेतों का भी निरीक्षण किया गया। फसलों को इल्लियों एवं बीमारियों से बचाने के तरीके भी बताये गये। जिले की सभी गतिविधियों में सोसायटी के जिला समन्वयक श्रवण मीणा एवं चैन लाल चौरे उपस्थित थे।

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.