पॉलीटनल में सब्जी पौध उत्पादन

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पॉलीटनल तकनीक क्या है
पॉलीटनल सब्जियों की पौध तैयार करने की एक प्रकार की पारदर्शी प्लास्टिक से बनी संरक्षित संरचना होती है जिसमें प्रतिकूल मौसम जैसे अधिक वर्षा, ठंड व गर्मी में भी विभिन्न सब्जियों की पौध सफलतापूर्वक तैयार की जा सकती है। खुले वातावरण में वर्षा के मौसम में या अधिक ठंड या गर्मी में पौध उगाना लगभग असंभव होता है क्योंकि लगातार वर्षा एवं ठंड के कारण बीज का अंकुरण बहुत कम होता है।
यह बड़ी ही सस्ती, व्यवहारिक एवं कारगर तकनीक है जिसमें पौध तैयार करने में बीज का जमाव सही ढंग से होता है। जमाव उपरांत पौधों की बढ़वार सही ढंग से होती है, पौध तैयार करने में कम समय लगता है तथा कीटों व बीमारियों का प्रकोप अपेक्षाकृत कम होता है तथा पौध की रोपाई खेत में करने से उनकी मृत्यु दर नहीं के बराबर होती है।
पॉलीटनल तैयार करने का तरीका
पॉलीटनल तैयार करने के लिए 8 फीट लम्बी चार सूत की सरिया या बांस लेते हैं। एक मीटर चौड़ी बेड के दोनों तरफ 6 इंच गहराई में सरिया या बांस को जमीन के अंदर गाड़ देते हैं। इस प्रकार एक सुरंगनुमा संरचना बन जाती है। बेड के बीच में सरिया या बांस की ऊंचाई लगभग 2.60 फीट होती है। इस प्रकार प्रत्येक दो मीटर की दूरी पर सरिया या बांस को बेड के दोनों तरफ जमीन के अंदर गाड़ देते हैं। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में टमाटर, मिर्च, बैंगन, शिमला मिर्च, फूलगोभी, पत्तागोभी की खेती करने के लिए 40 मीटर लम्बी व एक मीटर चौड़ी बेड की आवश्यकता होती है। यदि 40 मीटर लम्बा स्थान ना हो तो 20-20 मीटर लम्बाई के दो बेड या 10-10 मीटर लम्बाई के चार बेड बना सकते हैं। एक मीटर चौड़ी और 40 मीटर लम्बी बेड में लगभग 350-400 ग्राम उपरोक्त सब्जियों के बीज की आवश्यकता होती है जो एक हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिये पर्याप्त होती है।
पॉलीटनल में बीज बोने का तरीका
पॉलीटनल में इन सब्जियों के बीजों को बोने से पहले मिट्टी की अच्छी तरीके से गुड़ाई कर भुरभुरी बना लेते हैं तथा एक मीटर चौड़ी और 40 मीटर लम्बी बेड में लगभग 5 क्विंटल गोबर खाद अथवा 3 क्विंटल केंचुआ खाद मिट्टी में मिला देते हैं, इसके बाद दो से तीन से.मी. गहराई में बीजों की बुवाई लाईन में कर मिट्टी से ढंक देते हैं। लाईन से लाईन की दूरी दो इंच रखते हैं। बीजों की बुवाई के बाद फहारे से हल्की सिंचाई कर देते हैं।
पॉलीटनल में पॉलीथिन का प्रयोग
बीज की बुवाई के बाद पॉलीटनल को 200 माइक्रोन मोटाई की सफेद पॉलीथिन से ढंक देते हैं। यदि दिन का तापमान 25-26 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक है तो दिन के समय पॉलीथिन को हटा देते हैं तथा शाम को पुन: ढंक देते हैं। यदि इन सब्जियों की पौध अप्रैल से सितम्बर के मध्य तैयार करनी हो तो रात के समय बेड के दोनों तरफ की पॉलीथिन को एक फीट ऊंचाई तक हटा देते हैं क्योंकि इस अवधि में रात का तापमान अधिक होने के कारण हवा का आदान-प्रदान बेड के अंदर अच्छे से होता है जिससे पॉलीटनल के अंदर का तापमान अधिक नहीं हो पाता है। अप्रैल से सितम्बर के मध्य पौध तैयार करते समय दिन में पॉलीथिन को हटा देते हैं लेकिन जब वर्षा की संभावना हो उस समय पॉलीटनल को पॉलीथिन से ढंक देते हैं तथा बेड के दोनों तरफ की पॉलीथिन को एक फीट ऊंचाई तक फोल्ड कर देते हैं। इस प्रकार 25 से 28 दिनों में पौध तैयार हो जाती है।

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