ट्रॉपिकल के नैनो टेक्नालॉजी उत्पाद प्रस्तुत

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

जैविक खेती सम्मेलन आयोजित

भोपाल। ट्रॉपिकल एग्रो सिस्टम (इं) प्रा. लि. चैन्नई द्वारा विगत दिनों भोपाल एवं इन्दौर में जैविक खेती सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित प्रदेश के कृषकों को कम्पनी द्वारा निर्मित नैनो टेक्नालॉजी आधारित उत्पादों की जानकारी दी गई।
भोपाल के सम्मेलन में समूह के चेयरमेन श्री वी.के. झंवर ने बताया कि समूह केमिकल पेस्टीसाइड के निर्माण व विपणन में देश में प्रथम दस कम्पनियों में शामिल है। लेकिन खेती में केमिकल पेस्टीसाइड के उपयोग के कारण बढ़ती लागत को कम करने के उद्देश्य से कम्पनी ने जैविक उत्पादों का निर्माण के पूर्व 10 वर्ष तक अनुसंधान एवं विकास कार्य किया। वर्तमान में कम्पनी के जैविक उत्पाद किसानों के मध्य लोकप्रिय हैं। कम्पनी के प्रेसीडेन्ट श्री मोहन कुमार ने इस अवसर पर कहा कि खेती में रसायनिक तत्वों के अत्यधिक उपयोग से जहां भूमि बंजर हो रही है वहीं कृषि उत्पादों के माध्यम से जहरीले रसायनिक तत्व मानव स्वास्थ्य को नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ट्रॉपिकल साल्यूशन बेस्ट टेक्नालॉजी देने में विश्वास रखती है। ट्रॉपिकल के जैविक उत्पाद भा.कृ.अनु.प. द्वारा प्रमाणित हैं। कंपनी अब नैनो टेक्नालॉजी पर आधारित उत्पाद उपलब्ध करा रही है, जिनसे कम लागत में पूरा लाभ मिलता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि म.प्र. राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम के अध्यक्ष श्री मधुकर राव हर्णे ने अपने कृषि संबंधी अनुभवों को साझा करते हुए जैविक खेती के संबंध में कंपनी द्वारा किये जा रहे चुनौतीपूर्ण कार्य के लिये शुभकामनाएं दीं। किसानों को जिला पंचायत अध्यक्ष होशंगाबाद श्री कुशल पटेल ने भी संबोधित किया। भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान नबीबाग भोपाल के वैज्ञानिक द्वय डा. एस. कुण्डु एवं डॉ. ए.के. त्रिपाठी ने नैनो टेक्नालॉजी एवं मृदा स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी। जनरल मैनेजर श्री प्रवीण श्रीवास्तव ने नैनो तकनीक आधारित उत्पादों व जैविक उत्पादों की विस्तृत जानकारी दी। रीजनल मैनेजर श्री बी.के. तिवारी ने कम्पनी के संबंध में बताया।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

nine + 15 =

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।