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समस्या – समाधान (Farming Solution)

गरमियों मे कम लागत में अधिक मूंग पाएँ

गरमियों मे कम लागत में अधिक मूंग पाएँ खेत की तैयारीरबी की कटाई के बाद दो-तीन बार हल चलाकर मिट्टी को भुरभुरा व नींदा रहित करें।  पाटा लगाकर खेत को समतल करें। बीजउन्नत बीज का चुनाव, मात्रा व उपचारशुद्ध, प्रमाणित,

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समस्या – समाधान (Farming Solution)

मूंग व ग्वार की फसल में खरपतवार निकालने तथा निंदाई-गुड़ाई के लिये मशीन व उसकी उपलब्धता के बारे में बतायें

समस्या- मूंग व ग्वार की फसल में खरपतवार निकालने तथा निंदाई-गुड़ाई के लिये मशीन व उसकी उपलब्धता के बारे में बतायें। समाधान- फसलों से खरपतवार निकालने तथा निंदाई-गुड़ाई करने के लिये कई प्रकार की मशीन उपलब्ध है, इनमें से हाथ से

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संपादकीय (Editorial)

रामतिल पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन

होशंगाबाद। जवाहरलाल नेहरू कृषि वि.वि. एवं कृषि विभाग होशंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में गत दिनों ग्राम गुंदरई (बनखेड़ी), जिला-होशंगाबाद में रामतिल पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में संभागायुक्त होशंगाबाद श्री आर.के. मिश्रा, कलेक्टर श्री

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संपादकीय (Editorial)

बारिश से खरीफ फसलें हुई अंकुरित

(राजीव कुशवाह, नागझिरी)। अतिवृष्टि से त्रस्त अंचल के किसानों का दिवाली के बाद भी बारिश ने पीछा नहीं छोड़ा है। कटी हुई खरीफ फसलें अंकुरित हो जाने से किसानों का नुकसान हुआ है। ऋण माफी नहीं होने के साथ ही

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संपादकीय (Editorial)

मूंग व उड़द में रोग प्रबंधन

पत्ती धब्बा रोग  मूंग व उड़द का यह रोग कभी-कभी भारी क्षति महामारी के रूप में देखा जाता है। इस रोग से पौधों की वृद्धि विकास रूक जाती है। जिसके कारण से उपज पर भारी नुकसान होता है। रोगजनक पौधों

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संपादकीय (Editorial)

कम लागत में फलेगी मूंग

खेत की तैयारी रबी की कटाई के बाद दो-तीन बार हल चलाकर मिट्टी को भुरभुरा व नींदा रहित करें।  पाटा लगाकर खेत को समतल करें। उन्नत बीज का चुनाव, मात्रा व उपचार शुद्ध, प्रमाणित, रोग मुक्त  बीज का चलन करें।

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फसल की खेती (Crop Cultivation)

मूंग की खेती के लिए उपयुक्त सुझाव

जलवायु एवं मिट्टी – मूंग जायद एवं खरीफ ऋतु में उगाई जाती है। इसके लिए उपयुक्त तापमान 27 से 33 डिग्री है। यह सामान्यतया अधिक तापमान एवं सूखे हेतु सहनशील फसल है एवं दिन की लंबाई हेतु संवेदनशील फसल है।

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Uncategorized

मूंग की खेती महाराष्ट्र में भी

म.प्र. में ग्रीष्मकालीन मूंग लगाई जाती है। बेहतर दाम मिलने के कारण यह प्रदेश में तीसरी फसल के रूप में उगाई जाने लगी है। गत वर्ष मूंग के बेहतर दाम मिलने के कारण यह फसल अब सीमावर्ती महाराष्ट्र में भी

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फसल की खेती (Crop Cultivation)

जायद में लगाएं मूंग

भूमि की तैयारी:दो या तीन बार हल या बखर से जुताई कर खेत अच्छी तरह तैयार करना चाहिए तथा पाटा चलाकर खेत को समतल बना लेना चाहिये। दीमक से बचाव हेतु क्लोरोपायरीफॉस चूर्ण 20 किग्रा प्रति हेक्टर की दर से

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Uncategorized

मूँग में कीट व रोग नियंत्रण

मुख्य कीट : कातरा : कातरा का प्रकोप विशेष रूप से दलहनी फसलों में बहुत होता है। इस कीट की लट पौधों को आरम्भिक अवस्था में काटकर बहुत नुकसान पहुंचाती है। इसके नियंत्रण हेतु खेत के आसपास कचरा नहीं होना

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