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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में MSP पर गेहूं खरीदी तेज, 2 दिन में किसानों को 6 करोड़ 37 लाख का भुगतान  

13 अप्रैल 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में MSP पर गेहूं खरीदी तेज, 2 दिन में किसानों को 6 करोड़ 37 लाख का भुगतान – मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीदी जारी है। जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय खरीदी केन्द्रों पर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को खरीदी केन्द्रों पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाये। उन्हें गेहूँ बेचने के लिये इंतजार नहीं करना पड़े। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक 7 हज़ार से अधिक किसानों से 3 लाख 6 हजार 190 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है।

दो दिन में किसानों को 6 करोड़ 37 लाख रुपए का भुगतान भी उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। गेहूँ का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूँ का उपार्जन शुरू किया जायेगा। अभी तक एक लाख 90 हजार 261 किसानों द्वारा 85 लाख 12 हजार 830 क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। गेहूँ खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। गेहूं की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है।

उपार्जन केंद्र में किसानों के लिये गेहूं बिक्री की सभी सुविधाएं : मंत्री राजपूत

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि जिन जिलों में गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहाँ गेहूं विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेयजल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र में बारदाने ,तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।

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खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूं में से 1 लाख 5 हजार 260 क्विंटल गेहूं का परिवहन किया जा चुका है।

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19 लाख 4 हजार किसानों ने कराया पंजीयन

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।

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