एमपीयुऐटी में रजनीगंधा की किस्मों का विमोचन

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4 जनवरी 2021, उदयपुरएमपीयुऐटी  में रजनीगंधा की किस्मों का विमोचन महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंद्रहवें दीक्षांत समारोह का 20-12-2021 के सफल समापन पर आयोजित कार्यक्रम मे कुलपति प्रोफ़ेसर नरेंद्र सिंह राठौड़ ने सभी को बधाई प्रेषित की एवं रजनीगंधा पुष्प की दो किस्मों का विमोचन किया गया जिसमें प्रताप रजनी –एवं प्रताप रजनी  -7 (1) प्रमुख थी किस्मों का विमोचन किया गया वर्तमान में पुष्प दोनों की किस्मों का 14 अखिल भारतीय पुष्प अनुसंधान केंद्रों पर परीक्षण किया जा रहा है I पुष्प की दोनों किस्मों का उपयोग लैंडस्केपिंग, टेबल डेकोरेशन, भूमि सौंदर्य एवं फ्लावर एक्जीबिशन, कम ऊँचाई के गुलदस्ते बनाने में किया जा सकता है इसके साथ ही दोनों क़िस्म मैं अत्यधिक सुगंधित होने के कारण  कमरे में प्राकृतिक छिड़काव का एहसास कराती है  इन किस्मों में 35 के लगभग फ़्लोरेंस पाए जाते हैं  एवं  की  कली का रंग हरा रहता है प्रताप रजनी-की ऊँचाई लगभग 38  सेंटीमीटर  एवं प्रताप रजनी-7 (1) की ऊँचाई लगभग 42 सेंटीमीटर रहती है एवं कली अवस्था पर लाल रंग पाया जाता है  इस क़िस्म को 2020  मैं 14 केंद्रों पर परीक्षण  परीक्षण हेतु वितरित किया गया है  इसके साथ ही प्रताप ग्लैड-1 ग्लेडियोलस पुष्प की किस्म को प्रथम वर्ष परीक्षण हेतु वितरित किया गया है पुष्प की दोनों किस्मों का बुके बनाकर  डॉ.  शांति कुमार शर्मानिदेशक अनुसंधान, डॉ. लक्ष्मी नारायण महावर परियोजना प्रभारी( अखिल भारतीय पुष्प अनुसंधान परियोजना )एवं डॉ. हीरा लाल बैरवा ने  श्रीमान कुलपति  महोदय को कार्यक्रम के दौरान भेंट किया डॉ. पी.के. सिंह अधिष्ठाता अभियांत्रिकी महाविद्यालय द्वारा कुलपति महोदय का स्वागत किया गया  एवं पंद्रहवें दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन के लिए सभी  संयोजक सह -संयोजक एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया  डॉ. रामवतार कौशिक  निदेशक प्रसार- शिक्षा  द्वारा मदार गाँव मैं विश्वविद्यालय द्वारा किए गए विभिन्न विकास कार्यों की  जानकारी दी एवं यह भी बताया कि कुलाधिपति द्वारा विभिन्न कार्यों की भूरी भूरी प्रशंसा भी की गई माननीय कुलपति ने राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय द्वारा पन्द्रहवीं रैंक लाने पर विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों , संकाय सदस्यों एवं अन्य सहयोगियों का  आभार प्रकट किया  एवं आने वाले समय  कृषि क्षेत्र में विभिन्न डिजिटल तकनीकों जैसे IOT आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं क्लाउड कंप्यूटिंग का उपयोग करते हुए किसान की आय बढ़ाने पर ज़ोर दिया  एवं आगामी वर्ष में विश्वविद्यालय की अंडर 10 रैंक लाने का आव्हान किया  तथा विश्वविद्यालय सिस्टम में नवीन से नवीन तकनीकी उपयोग पर ज़ोर दिया  कार्यक्रम के अंतिम में अनुसंधान निदेशक डॉक्टर डॉ. शांति कुमार शर्मा, ने कुलपति महोदय को राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की को गौरवान्वित  करवाने हेतु बधाई दी एवं कहा कि माननीय कुलपति के कार्यकाल में विश्वविद्यालय ने नई ऊंचाइयों को छुआ है एवं आगे भी इसी प्रकार से नई नई एवं वैज्ञानिक गतिविधियां विश्वविद्यालय में आयोजित की जाएगी  एवं विश्वविद्यालय के सभी संगठक इकाइयों जिन्होने मदार गाँव में अपनी तकनीकी का प्रदर्शन किया उनको बधाई प्रेषित की I

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