ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए मुर्गी पालन एवं मत्स्य पालन पर ज़ोर -अधिकारियों ने की बैठक

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कान्हा राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र

  • श्याम सूर्यवंशी बालाघाट, जिला प्रतिनिधि

19 सितंबर 2020, बालाघाट। ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए मुर्गी पालन एवं मत्स्य पालन पर ज़ोर -अधिकारियों ने की बैठक विश्व प्रसिद्ध कान्हा राष्र्ट्रीय उद्यान के बफर जोन एवं कोर एरिया के ग्रामीणों को रोजगार के नये अवसर उपलब्ध कराने एवं उनकी आय को बढ़ाने के लिए गत दिवस कान्हा पार्क के अधिकारियों के साथ बालाघाट जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के फिल्ड डायरेक्टर श्री एल कृष्णमूर्ति, कलेक्टर श्री दीपक आर्य, पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक तिवारी, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती उमा महेश्वरी, अपर कलेक्टर श्री फ्रेंक नोबल ए, बैहर एसडीएम श्री गुरूप्रसाद, कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की उप संचालक सुश्री अंजना सुचिता तिर्की एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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बैठक में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के फिल्ड डायरेक्टर श्री कृष्णमूर्ति ने बैठक में बताया कि कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के बफर जोन में 80 गांव स्थित है। इन ग्रामों की वन सुरक्षा समितियों को विकास कार्यों के लिए राशि मिलती है। लेकिन वह केवल विकास कार्यों पर व्यय हो जाती है। इन ग्रामों के ग्रामीणों के लिए रोजगारमूलक गतिविधियां प्रारंभ करने एवं आय का जरिया पैदा करने के लिए अन्य योजनाओं से उन्हें जोड़ने की जरूरत है। वनमंत्री मध्यप्रदेश शासन द्वारा गांव स्तर पर तालाब बनाने एवं हर स्कूल के एक से दो हेक्टेयर क्षेत्र में पर्यावरण सुरक्षण के लिए बच्चों से पौधे लगाने कहा गया है। बफर जोन एवं कोर एरिया के ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने मनरेगा से चारागाह विकास, तालाब निर्माण फलोद्यान विकास आदि के कार्य कराने की जरूरत है। बफर जोन एवं कोर एरिया के ग्रामीणों के लिए नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने की भी जरूरत है। इस क्षेत्र में अन्य विभागों द्वारा जो भी अच्छा काम किया जायेगा तो उसे पर्यटकों के माध्यम से प्रचारित होने की अच्छी संभावना है।
कलेक्टर श्री आर्य ने बैठक में कहा कि कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के बफर जोन एवं कोर एरिया के ग्रामीणों को मनरेगा से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पूरी मदद की जायेगी। मनरेगा से सामुदायिक एवं हितग्राहीमूलक कार्य कराये जा सकते है। मीनाक्षी तालाब, कुआं निर्माण, फलोद्यान लगाने, बांस के पौधे लगाने, लेंटाना की झाड़ियां हटाने के काम किये जा सकते है। ग्रामीणों को रोजगारमूलक कार्यों के अंतर्गत लाख उत्पादन का प्रशिक्षण देकर लाख उत्पादन के कार्य से जोड़ा जा सकता है। वन अधिकार पट्टाधारकों को भी मनरेगा के कार्यों से लाभांवित किया जायेगा। बफर जोन एवं कोर एरिया के ग्रामों में मनरेगा के कार्यों को शीघ्र मंजूरी दी जायेगी। इसके अलावा ग्रामीणों को मत्स्य पालन, मुर्गीपालन, हस्तशिल्प निर्माण के लिए भी मदद की जायेगी। इसके लिए शीघ्र ही कार्ययोजना तैयार कर उसका क्रियान्वयन किया जायेगा।
बैठक में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के अन्य अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री श्री जी पी कोरी, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण श्री सुधांशु वर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती लीना चौधरी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक श्री ओम प्रकाश बेदुआ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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