धार में तीन दिवसीय कृषि मेले का हुआ समापन
मिलेट ब्रांडिंग गैलरी रही आकर्षण का केंद्र
16 फरवरी 2026, धार: धार में तीन दिवसीय कृषि मेले का हुआ समापन – तीन दिवसीय कृषि मेले का समापन किया गया तीसरे दिन मिलेट ब्रांडिंग गैलरी का आयोजन किया गया, जो आकर्षण का केंद्र बनी रही।
उप संचालक कृषि श्री ज्ञान सिंह मोहनिया द्वारा गर्मी की फसल जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा है वह मूंगफली, तिल, बाजरा, उड़द, मूंग की बोनी कर उत्पादन प्राप्त करने को कहा साथ ही खरीफ में लम्बे रेशे के कपास का उत्पादन हाई डेंसिटी पद्धति से बोकर अधिक उत्पादन एवं गुणवत्ता युक्त कपास उत्पादन पर फोकस किया गया। सीमा कॉटन एसोसिएशन अनुसंधान के माध्यम से लम्बे रेशे के कपास की मांग शासन से लक्ष्य प्राप्त कर कृषकों को कपास का बीज उपलब्ध कराया जाएगा। सभी किसान भाइयों को कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए एग्रीस्टेक से जुडकर फार्म आईडी बनाने का आग्रह कर समझाइश दी गई।
मेले के तकनीकी सत्र में कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.एस. चौहान वरिष्ठ एवं प्रमुख वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र धार द्वारा कृषकों को मिट्टी परीक्षण अनिवार्य रूप से कराने एवं मृदा परीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर उर्वरक उपयोग की सलाह दी गई। श्रीमती संगीता तोमर सहायक संचालक कृषि द्वारा आयोजित मिलेट गैलरी में कृषकों को ज्वार, बाजरा, कोदो-कुटकी, रागी के अनाज से विभिन्न पदार्थ जैसे पापड़, खाखरा, नूडल्स, पोहा, परमल, बिस्कुट आदि भी बनाकर कृषकों को प्रसंस्करण के बाद तीन गुना लाभ कैसे प्राप्त किया जा सकता की जानकारी दी गई। श्रीमती अंकिता पाण्डे वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी कृषि प्रसार कृषि विज्ञान केंद्र धार द्वारा मिलेट में उपलब्ध पोषक तत्व एवं मिलेट खाने के फायदे के बारे में बताया गया। श्री संतोष पाटीदार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा कृषकों को पीपीटी के माध्यम से उर्वरक ई-कृषि प्रणाली की जानकारी विस्तृत में समझाई गई। श्री विवेक बार्चे वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा मिलेट गैलरी की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई।
अभियांत्रिकी सहायक श्री अभिषेक अग्रवाल द्वारा आगामी रबी में उन्नत कृषि कटाई यंत्रों से ही फसल काटकर नरवाई प्रबंधन करना है नरवाई जलाने से पर्यावरण प्रदूषण एवं मृदा स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति नष्ट होती है इसलिए नरवाई नहीं जलाना है एवं वैकल्पिक उपायों को अपना कर नरवाई प्रबंधन करना है पर्यावरण एवं मृदा स्वास्थ्य का ध्यान रखना हम सब का कर्तव्य है। सहायक मत्स्य निरीक्षक श्री बर्मन द्वारा मत्स्य उत्पादन एवं अधिक उत्पादन देने वाली मछली के बीजों का उपयोग कर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं । सहायक उद्यानिकी विस्तार अधिकारी श्री अंकिता सोलंकी द्वारा उद्यानिकी विभाग में संचालित विभिन्न योजना जैसे एम.आई.डी.एच. प्रधानमंत्री सूक्ष्म लघु उन्नयन योजना, संरक्षित खेती एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई की जानकारी दी गई। मेले में भारतीय किसान संघ के प्रदेश मंत्री श्री राजेन्द्र शर्मा द्वारा विभाग द्वारा एक साथ विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई एवं प्रदर्शनी के माध्यम से कृषकों को प्रचार-प्रसार किया गया। भारतीय किसान संघ के श्री महेश ठाकुर मालवा प्रान्त मंत्री एवं श्री अमोल पाटीदार जिला मंत्री उपस्थित रहे।
कृषि वैज्ञानिक एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा दी गई तकनीकी जानकारी के आधार पर कृषकों द्वारा लिए गए ज्ञान के आधार पर वैज्ञानिकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर कृषकों द्वारा दिया गया जिन्हे पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे कृषकों में काफी उत्साह रहा इसी क्रम में मेले में आयोजित प्रदर्शनी कोरोमंडल कंपनी एवं आरएमपीसीएल कंपनी के लकी ड्रॉ में 10 कृषकों को पुरस्कार प्रदान किया गया। विगत तीन दिन से आयोजित कृषि मेला कार्यक्रम में लगभग 85 से अधिक कृषि प्रदर्शनियों जिसमें पौध संरक्षण औषधि, उर्वरक बायो उर्वरक, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, बीज, आधुनिक कृषि यंत्र, सिंचाई यंत्र, जैविक एवं प्राकृतिक खेती एवं शासकीय विभाग आत्मा, कृषि विज्ञान केंद्र, पशुपालन, मत्स्य पालन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित लगभग 85 से भी अधिक प्रदर्शनियां आकर्षण का केन्द्र रही। मेले से तीन दिन में कृषि कटाई यंत्र- 01 स्वचलित रिपर कम्बाईडर, 02 स्ट्रॉरिपर, 02 देशी पाटा, 04 ट्रैक्टर किसानों द्वारा कुल राशि 40 लाख से भी अधिक के आधुनिक कृषि यंत्र खरीदे गए। मेले के अंतिम दिवस 1500 से भी अधिक किसानों ने भाग लिया गया। मेले में आयोजित सभी प्रदर्शनी का मूल्यांकन कर प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार कम्पनी, आदान विक्रेताओं, प्रगतिशील कृषक एवं शासकीय विभागों सहित लगभग 50 पुरस्कार एवं 100 से अधिक प्रशंसा प्रमाण पत्र वितरित कर विभाग द्वारा प्रोत्साहित किया गया। मेले में मंच संचालन परियोजना संचालक आत्मा श्री के.एस. झणिया, सेवानिवृत अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री डी. के. उपाध्याय ने किया। सहायक संचालक कृषि श्री डी.एस. मौर्य ने सम्पूर्ण मेले की व्यवस्था की गई एवं सभी का आभार व्यक्त किया गया।
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