राज्य कृषि समाचार (State News)

 महिला किसान गीता बाई की सफलता की गाथा: जैविक खेती और मत्स्य पालन ने बदली जिंदगी, सालाना कमा रही 7–8 लाख रुपए

04 दिसंबर 2025, भोपाल: महिला किसान गीता बाई की सफलता की गाथा: जैविक खेती और मत्स्य पालन ने बदली जिंदगी, सालाना कमा रही 7–8 लाख रुपए – मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के सिलवानी विकासखंड की सियरमउ गांव की महिला किसान गीता बाई ने यह साबित कर दिया कि मन में ठान लेने और मेहनत करने से कोई भी मुश्किल पार की जा सकती है। कभी आर्थिक संकट में जूझती गीता बाई ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपने परिवार की आय बढ़ाई, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी सशक्त पहचान बनाई। आज वे सालाना लगभग 7–8 लाख रुपए कमा रही हैं और अपने गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।

संघर्ष से सफलता की ओर

गीता बाई की शिक्षा आठवीं कक्षा तक थी और उनका परिवार पूरी तरह कृषि पर निर्भर था। परिवार के पास 5 एकड़ जमीन थी, लेकिन वर्षा आधारित कृषि और अनिश्चित मौसम के कारण सालाना आय केवल 60,000–80,000 रुपए तक थी। ऐसे हालात में बच्चों की बुनियादी आवश्यकताएं पूरी करना भी मुश्किल था। परिवार को खेतिहर मजदूरी के लिए आसपास के गांवों में भी काम करना पड़ता था।

स्व-सहायता समूह और आर्थिक सशक्तिकरण

2018 में गीता बाई ने कुश स्व-सहायता समूह में शामिल होकर अपनी जिंदगी बदलने की शुरुआत की। समूह की सहायता और प्रशिक्षण से उन्होंने जैविक सब्जियों की खेती, वर्मी कंपोस्ट उत्पादन, मछली पालन और कड़कनाथ मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों को अपनाया। उन्होंने अपने खेत में नलकूप लगवाया और उत्पादन बढ़ाया। आज 3 एकड़ भूमि में जैविक सब्जियां उन्नत तरीके से उगाई जा रही हैं, जिससे उन्हें 2–3 लाख रुपए सालाना आय होती है।

मछली पालन और मुर्गी पालन ने भी उनकी आमदनी को बढ़ाया; मछली पालन से 4–5 लाख रुपए और मुर्गी पालन से लगभग 1 लाख रुपए वार्षिक आय हुई। इसके साथ ही, गीता बाई ने अन्य किसानों और महिलाओं को भी मार्गदर्शन दिया और जैविक खेती व वर्मी कंपोस्ट के महत्व के प्रति जागरूक किया।

महिलाओं के लिए प्रेरणा

गीता बाई की कहानी यह संदेश देती है कि संकट और कठिनाइयों में भी अगर इरादा मजबूत हो तो सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने साबित किया कि सरकारी योजनाओं और स्व-सहायता समूह के माध्यम से महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं बल्कि अपने परिवार और समाज के लिए उदाहरण प्रस्तुत कर सकती हैं।

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