बिहार सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए दो अहम योजनाओं की शुरुआत की
20 दिसंबर 2025, भोपाल: बिहार सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए दो अहम योजनाओं की शुरुआत की – डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग बिहार सरकार ने किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए दो अहम योजनाओं की शुरुआत की है. इन योजनाओं से राज्य में डेयरी और मत्स्य क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी.
राज्य सरकार ने गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से दो प्रमुख योजनाएं शुरू की हैं. पहली योजना है बिहार एक्वाकल्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम, जो मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत बनाने पर केंद्रित है. दूसरी योजना है बिहार डेयरी ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट, जिसका मकसद दूध उत्पादन, गुणवत्ता और डेयरी उत्पादों के विकास को बढ़ावा देना है.
इन दोनों योजनाओं का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाना और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ना है. इस मौके पर डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि राज्य सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने के लिए काम कर रही है. उन्होंने बताया कि पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. सरकार की कोशिश है कि इन क्षेत्रों में नई तकनीक, बेहतर प्रबंधन और बाजार से सीधा जुड़ाव हो. ये योजनाएं विकसित बिहार के विजन के अनुरूप हैं और आने वाले वर्षों में डेयरी और मत्स्य क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिहार पहले से ही डेयरी और मत्स्य क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. गेट्स फाउंडेशन के साथ सहयोग से इन क्षेत्रों को और मजबूती मिलेगी.
उन्होंने बताया कि ये योजनाएं राज्य सरकार की सात निश्चय-3 योजना में भी अहम योगदान देंगी. आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक तरीके और बेहतर प्रबंधन से उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को सीधा फायदा मिलेगा. विभाग की अपर मुख्य सचिव एन विजयलक्ष्मी ने बताया कि इन योजनाओं के तहत पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार, चारे की बेहतर व्यवस्था, पशु प्रजनन और दूध की गुणवत्ता पर खास ध्यान दिया जाएगा. वहीं मत्स्य क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से पालन और आधुनिक प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने यह भी बताया कि सुधा डेयरी उत्पादों का निर्यात अब विदेशी देशों में भी शुरू हो चुका है, जिससे बिहार के डेयरी सेक्टर को नई पहचान मिल रही है. इन योजनाओं से साफ है कि बिहार सरकार किसानों और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है.
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