राज्य कृषि समाचार (State News)पशुपालन (Animal Husbandry)

छत्तीसगढ़ के इन 5 गांवों में शुरू होगा झींगा पालन, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ, जानें पूरी योजना

25 जुलाई 2025, भोपाल: छत्तीसगढ़ के इन 5 गांवों में शुरू होगा झींगा पालन, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ, जानें पूरी योजना – प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता से भरपूर छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला अब कृषि के क्षेत्र में एक नई क्रांति की ओर बढ़ रहा है। यहां के किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर मछली पालन के साथ-साथ झींगा पालन भी अपनाने लगे हैं। यह पहल आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम कदम है। किसानों को इस दिशा में सहयोग देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र, सुकमा द्वारा लगातार तकनीकी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक और लाभकारी कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

कलेक्टर की निगरानी में किया गया तालाबों का निरीक्षण

जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में समन्वित कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए काम हो रहा है। हाल ही में कृषि विज्ञान केंद्र के मछली पालन विशेषज्ञ डॉ. संजय सिंह राठौर और मत्स्य विभाग के अधिकारी श्री डी.एल. कश्यप के नेतृत्व में सुकमा विकासखंड की पाँच ग्राम पंचायतों-  भेलवापाल, झापरा, गोंगला, मूर्तोंडा और गादीरास के अंतर्गत आने वाले 40 तालाबों का गहन निरीक्षण किया गया।

इन सभी तालाबों को झींगा पालन के लिए उपयुक्त पाया गया है। अब कृषि विज्ञान केंद्र की मत्स्य इकाई, विशेषज्ञों की निगरानी और मत्स्य विभाग के समन्वय से यहां जल्द ही झींगा पालन की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।

झींगा: पोषण और आय का बेहतरीन स्रोत

झींगा एक सर्वाहारी मीठे जल का जलीय जीव है, जो ब्रीडिंग के समय थोड़ा खारे पानी की ओर जाता है। यह पानी में मौजूद सूक्ष्म जीवों, कीटों और जैविक अवशेषों का सेवन करता है। झींगा प्रोटीन और जरूरी वसा का उत्तम स्रोत है। इसका नियमित सेवन मस्तिष्क के विकास, हृदय स्वास्थ्य और कुपोषण की रोकथाम में काफी फायदेमंद होता है।

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किसानों को होगी बेहतर आमदनी

झींगा पालन से किसानों को पारंपरिक फसलों की तुलना में ज्यादा और तेज आमदनी होने की संभावना है। इसके साथ-साथ यह स्व-रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा, जिससे युवा वर्ग भी खेती की ओर आकर्षित होगा।

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सुकमा बनेगा झींगा पालन का मॉडल जिला

यह योजना सुकमा जिले में ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। जिला प्रशासन, कृषि विज्ञान केंद्र और मत्स्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से सुकमा अब झींगा पालन के क्षेत्र में राज्य का अग्रणी जिला बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।

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