राज्य कृषि समाचार (State News)

धार जिले में कृषि विभाग की एक वर्ष की उपलब्धियों का परिदृश्य

16 दिसंबर 2024, धार: धार जिले में कृषि विभाग की एक वर्ष की उपलब्धियों का परिदृश्य –  उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने बताया कि एक वर्ष की उपलब्धियों पर धार जिले में हुए समग्र विकास का परिदृश्य हेतु प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई ( माइक्रो इरीगेशन ) योजना के तहत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई (माइक्रो इरीगेशन) योजना प्रति  बूंद  अधिक फसल अन्तर्गत वर्ष 2023-24 में  स्प्रिंकलर  एवं ड्रिप हेतु प्राप्त आवंटन 336.90 लाख के विरुद्ध 336.85 लाख का व्यय किया गया।  जिसमें  स्प्रिंकलर सेट 202 एवं ड्रिप सिस्टम 230 अजा, अजजा एवं सामान्य वर्ग के (लघु, सीमान्त एवं बड़े) कुल 492 कृषकों को लाभान्वित किया गया। लघु,  सीमांत  कृषकों  के लिए 55 प्रतिशत एवं बड़े  कृषकों  के लिए 45 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान किया गया है।

इसी प्रकार मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं की वार्षिक उपलब्धियों में जिले की मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला में मृदा नमूना परीक्षण खरीफ वर्ष 2024-25 में प्रदाय 33227 लक्ष्यों के विरुद्ध 33227 शतप्रतिशत मृदा नमूनों का एकत्रीकरण कर विश्लेषण कार्य कर  स्वाइल हेल्थ कार्ड किसानों को (SHC’s) वितरित किये गये हैं एवं पोर्टल पर 18635 स्वाईल हेल्थ कार्ड ऑनलाइन जनरेट भी कर दिये गये है। इस प्रकार नवीन निर्मित 12 मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं जो कुछ वर्ष से संचालित नहीं थी, म०प्र० शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास के अथक से विज्ञप्ति जारी कर मार्गदर्शी निर्देशों तथा राज्य स्तर से एम.पी. ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से युवा उद्यमियों/संस्थाओं से  आमंत्रित  जिले के लिए प्राप्त आवेदनों में युवा उद्यमियों के 173 तथा संस्थाओं के 16 आवेदनों का परीक्षण कर वरीयता, मेरिट आधार पर क्रियान्वयन एजेंसियों से 04 संस्थाओं एवं 08 युवा उद्यमियों का चयन कर आवंटन कार्यादेश जारी किया गया है। नवीन निर्मित विकासखंड स्तरीय 12  मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं को युवा उद्यमियों/संस्थाओं के माध्यम से प्रारंभ तथा संचालित कराया जाकर मृदा नमूना परीक्षण शुरू कराया था, अनुबंध के उपरांत 01 से 02 माह में प्रयोगशालाएं हस्तांतरित की जाकर मिट्टी नमूना की कार्यवाही युवा उद्यमियों के माध्यम से की जाएगी, जिससे   कृषकों  को भविष्य में विकास खण्ड स्तर पर ही मृदा नमूना परीक्षण उपरान्त (SHC’s) उपलब्ध होगा।

जिले में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत, कृषि उन्नति योजना के घटक सब मिशन ऑन सीड एण्ड प्लाटिंग मटेरियल अन्तर्गत बीजग्राम कार्यक्रम रबी 2024-25 में एफ.आर.ए. अन्तर्गत वनपट्टाधारी कृषकों हेतु  गेहूं  फसल के लिए 30 बीजग्राम के भौतिक लक्ष्य प्राप्त हुए  है , जिसके अंतर्गत 600 क्विन्टल  गेहूं  बीज किस्म एचआय-1544 एवं जी० डब्ल्यू -322, सीजी 1029 (कनिष्क)  वितरित किया गया है। योजना के अंतर्गत जिले के 12 विकास  खंडों  में उक्त योजना को  क्रियान्वित  कर 1500 अनुसूचित जनजाति के वन पट्टाधारी  कृषकों  को लाभान्वित किया गया है। प्रति कृषक एक एकड़  पर लगने वाले  गेहूं  बीज अर्थात 40 किलो बीज 90 प्रतिशत अनुदान पर प्रदाय किया गया है। प्रति क्विंटल 2880 रुपये अधिकतम अनुदान का प्रावधान है। राष्ट्रीय खाद्य पोषण एवं सुरक्षा मिशन दलहन योजना अंतर्गत  मसूर   मिनी किट 100 प्रतिशत अनुदान पर 5500  कृषकों को लाभान्वित किया गया ।

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