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राज्य कृषि समाचार (State News)

झारखंड में सहकारिता से आएगी क्रांति, कृषि ऋण माफी योजना का दायरा बढ़ा: दीपिका पांडेय सिंह

09 सितम्बर 2024, रांची: झारखंड में सहकारिता से आएगी क्रांति, कृषि ऋण माफी योजना का दायरा बढ़ा: दीपिका पांडेय सिंह – झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सहकारिता को विकास का मूल मंत्र बताया और कहा कि यह क्रांति हमारे जिले को नीचे से उठाकर ऊपरी पायदान तक पहुंचा सकती है। उन्होंने बताया कि कृषि, कोऑपरेटिव, मत्स्य और हॉर्टिकल्चर जैसी कल्याणकारी योजनाएं राज्य में किसानों और आम लोगों की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। खासतौर पर डेयरी और सहकारी बैंक के माध्यम से लोगों को आर्थिक लाभ के साथ रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

दीपिका पांडेय सिंह महागामा के राजेंद्र स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित प्रमंडल स्तरीय सहकारी महासम्मेलन 2024 को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने इस मौके पर बताया कि झारखंड में सहकारी बैंक अहम भूमिका निभाने की ओर बढ़ रहा है। पैक्सों को बैंकों से जोड़कर क्रेडिट लिंकेज को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसानों को वित्तीय सहायता में कोई दिक्कत न हो।

कृषि ऋण माफी योजना का विस्तार

मंत्री ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कृषि ऋण माफी योजना पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अब किसानों का 50 हजार रुपये की जगह 2 लाख रुपये तक का ऋण माफ किया जाएगा। यह योजना हाल ही में कैबिनेट से पास हुई है। इसके अलावा, कृषक मित्रों को प्रोत्साहन राशि की जगह मानदेय दिए जाने की पहल भी की जा रही है।

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सहकारिता से राज्य में बदलाव की उम्मीद

महासम्मेलन में सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार सूरज कुमार (IAS) ने कहा कि सहकारिता आंदोलन से राज्य की दिशा बदली जा सकती है। सहकारिता को बुनियादी स्तर पर एक विजन के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है। सहकारी समितियों के बायलॉज में संशोधन कर अब किसी भी व्यवसाय को करने की छूट दे दी गई है। साथ ही, सहकारिता का एक डाटाबेस तैयार किया गया है, जिसमें सभी सदस्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।

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परिसंपत्तियों का वितरण

कार्यक्रम के दौरान कई लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। इसमें हार्वेस्टिंग टूल्स किट, केसीसी योजना के लाभ, माइक्रो एटीएम, मोबाइल वेंडिंग कार्ट, मत्स्य पालन से जुड़े उपकरण जैसे आईस बॉक्स, टाना जाल और इलेक्ट्रॉनिक बैलेंस शामिल थे। इस पहल से राज्य के किसानों और मछली पालकों को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।

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