राजस्थान: हनुमानगढ़ के किसानों को मुफ्त मिलेंगे 1,600 क्विंटल सरसों के बीज
17 अक्टूबर 2026, हनुमानगढ़: राजस्थान: हनुमानगढ़ के किसानों को मुफ्त मिलेंगे 1,600 क्विंटल सरसों के बीज – खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और कम सिंचाई पानी में बेहतर उत्पादन लेने के उद्देश्य से राजस्थान कृषि विभाग हनुमानगढ़ जिले के किसानों को सरसों के 1,600 क्विंटल प्रमाणित बीज का नि:शुल्क वितरण करेगा। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन के तहत जिले को यह लक्ष्य राजस्थान कृषि आयुक्तालय की ओर से आवंटित किया गया है। इसके माध्यम से करीब 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा।
कृषि विभाग के अनुसार, गत वर्ष जिले में सरसों की बुवाई का क्षेत्रफल 1.89 लाख हेक्टेयर था। इस बार रबी सीजन में सिंचाई पानी की उपलब्धता को देखते हुए सरसों का बुवाई क्षेत्र 2.50 से 3 लाख हेक्टेयर तक पहुंचने की संभावना है। खरीफ सीजन में कम बारिश और बांधों के जलस्तर में गिरावट के कारण रबी फसलों के लिए पानी की उपलब्धता चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में कम पानी की आवश्यकता वाली सरसों की खेती को बढ़ावा देने के लिए नि:शुल्क बीज वितरण किया जा रहा है।
कृषि संयुक्त निदेशक श्रीमती यशवंती ने बताया कि 1,600 क्विंटल बीज में से 960 क्विंटल की आपूर्ति राजस्थान राज्य बीज निगम हनुमानगढ़ तथा 640 क्विंटल की आपूर्ति राष्ट्रीय बीज निगम सूरतगढ़ की ओर से की जाएगी। वितरण के लिए हनुमानगढ़ क्षेत्र को 770 क्विंटल, नोहर को 530 क्विंटल और भादरा को 300 क्विंटल बीज का लक्ष्य आवंटित किया गया है।
नई किस्म आरएच-1706 के बीज मिलेंगे
योजना के तहत सरसों की नई किस्म आरएच-1706 का बीज वितरित किया जाएगा। यह किस्म वर्ष 2023 में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार द्वारा विकसित की गई है। यह लगभग 140 दिनों में पककर तैयार हो जाती है तथा इसकी औसत उपज करीब 37 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और तेल की मात्रा लगभग 38 प्रतिशत बताई गई है। विभाग के अनुसार, इस किस्म के तेल में इरूसिक अम्ल की मात्रा 2 प्रतिशत से कम है।
प्रत्येक पात्र किसान को 4 किलो बीज का एक मिनीकिट नि:शुल्क दिया जाएगा। इसके लिए किसान अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक या सहायक कृषि अधिकारी से संपर्क कर परमिट भरवाएं। आवेदन के साथ जन आधार कार्ड और जमाबंदी प्रस्तुत करनी होगी। इसके बाद किसान वीसीपी के माध्यम से संबंधित वितरणकर्ता संस्था ग्राम सेवा सहकारी समिति (जीएसएसएस) अथवा क्रय-विक्रय सहकारी समिति (केवीएसएस) से बीज मिनीकिट प्राप्त कर सकेंगे।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) यशवंती ने किसानों से योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित कृषि अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की है।
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