राजस्थान: पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक, मंत्री ने मंगला पशु बीमा, एमवीयू और सेक्स सॉर्टेड सीमन पर दिया जोर
02 अप्रैल 2026, जयपुर: राजस्थान: पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक, मंत्री ने मंगला पशु बीमा, एमवीयू और सेक्स सॉर्टेड सीमन पर दिया जोर – पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार पशुओं और पशुपालकों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बजट में स्वीकृत योजनाओं और कार्यों को शत प्रतिशत पूरा करने के विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बजट में स्वीकृत कोई भी कार्य अधूरा नहीं रहना चाहिए इस बात को विभाग सुनिश्चित करे और इसी के अनुरूप अपनी कार्य योजना बनाए।
श्री कुमावत बुधवार को पशुपालन विभाग की बजट समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मुख्य रूप से 2025-26 की बजट घोषणाओं की क्रियान्विति पर अधिकारियों से बात की और संतोष व्यक्त किया कि अधिकतर बजट घोषणाएं समय पर पूरी हो गई हैं।
समीक्षा बैठक में प्रमुख शासन सचिव श्री विकास सीताराम भाले, संयुक्त शासन सचिव श्री दिनेश कुमार जांगिड़, निदेशक पशुपालन डॉ सुरेश चंद मीना, वित्तीय सलाहकार श्री, अतिरिक्त निदेशक डॉ प्रवीण कुमार, डॉ विकास शर्मा, डॉ लक्ष्मण राव, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित बीमा कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि अब तक 35 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण हो चुका है, 19 लाख से अधिक पशुओं की बीमा पॉलिसी जारी हो चुकी है और लगभग सात हजार दावों का निस्तारण करते हुए पशुपालकों को 14 करोड़ से अधिक राशि का भुगतान किया जा चुका है। मंत्री श्री कुमावत ने बीमा कंपनी को दावों के भुगतान की गति बढ़ाने और सर्वेयर की संख्या बढ़ाकर पेंडेंसी खतम करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने विभाग और बीमा कंपनी को काम में गति लाते हुए जून माह तक बीमा पॉलिसी का काम पूरा करने के निर्देश दिए।
मोबाइल वेटरनरी यूनिट के प्रभावी संचालन पर चर्चा करते हुए श्री कुमावत ने कहा कि सरकार मोबाइल वेटरनरी यूनिट के प्रभावी और सुचारू संचालन के प्रति बहुत गंभीर है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि पिछले दो वर्ष में 16 लाख से अधिक पशुपालकों ने 62 लाख से अधिक पशुओं का इलाज मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से कराया है इसके अलावा लगभग एक लाख से अधिक पशुपालकों ने चैटबॉट के माध्यम से भी अपने पशुओं की बीमारी का उपचार लिया। मंत्री श्री कुमावत ने कॉल सेंटर को और अधिक व्यवस्थित करते हुए सभी कॉल अटेंड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर गांव को एमवीयू से जोड़ा जाए और प्रति दिन प्रति यूनिट कॉल संख्या में भी वृद्धि की जाए। उन्होंने इसके प्रचार प्रसार पर भी विशेष बल देने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
सेक्स सॉर्टेड सीमन के तहत विभाग की धीमी प्रगति पर श्री कुमावत ने नाराजगी व्यक्त करते हुए इसमें आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन (ए आइ) करने वालों द्वारा अनुचित तरीके से पैसे लिए जाने पर कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने सेक्स सॉटेड के समुचित प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए जिससे अधिक से अधिक संख्या में पशुपालक आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन (ए आइ) कराने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा और सेक्स सॉर्टेड सीमन को फ्लैगशिप कार्यक्रम से जोड़ा जाए। उन्होंने विभाग में अच्छा काम करने वाले लोगों को और काम में कोताही करने वालों को दंडित करने के निर्देश दिए।
वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा में स्वीकृत संस्थाओं के भवन निर्माण की समीक्षा करते हुए श्री कुमावत ने भूमि पट्टे के आवंटन पर संतोष व्यक्त किया। अधिकारियों ने उन्हें इस संबंध में प्रगति से अवगत कराते हुए कहा कि भवन रहित संस्थानों के लिए भूमि आवंटन का लक्ष्य 80 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। शेष 20 प्रतिशत भी जल्द ही पूरा हो जाएगा।
16 मार्च को प्रारंभ हुए एफएमडी रोग प्रतिरोधक टीकाकरण अभियान के संबंध में पशुपालन मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि 16 मई तक चलने वाले इस अभियान में टीकाकरण कार्य को पूरी गंभीरता और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि प्रदेश का वर्ष 2030 तक खुरपका-मुंहपका रोग से मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। बैठक में पशुओं में फैलने वाली लंपी और कर्रा जैसी मौसमी बीमारियों के प्रभावी रोकथाम और नियंत्रण पर भी चर्चा की गई। मंत्री श्री कुमावत ने निर्देश दिए कि लंपी एवं अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विभाग को मिशन मोड पर पूरी तैयारी रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पशुपालकों की आजीविका पशुओं पर निर्भर है इसलिए पशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्री कुमावत ने कहा कि जहां कहीं भी रोग के लक्षण दिखाई दें वहां तत्काल नियंत्रण के उपाय अपनाएं जाएं तथा पशुओं के आवागमन पर निगरानी रखी जाए। उन्होंने इन बीमारियों के लक्षण, बचाव और उपचार के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रचार प्रसार पर भी बल दिया। श्री कुमावत ने सरकार द्वारा पशुधन निःशुल्क आरोग्य योजना के तहत उपलब्ध दवाइयों का उचित इस्तेमाल करने का निर्देश दिया जिससे पशुओं को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। उनहोंने कहा कि किसी भी स्थिति में दवाइयों की कमी नहीं होनी चाहिए।
वर्ष 2026- 27 की बजट घोषणाओं पर चर्चा करते हुए श्री कुमावत ने निर्देश दिया कि सभी घोषणाओं की समय पर गुणवत्तापूर्ण क्रियान्विति ही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में विभिन्न जिलों में खोले जाने वाले डिग्री एवं डिप्लोमा कॉलेजों, विभाग में रिक्त पदों, नवीन भर्ती तथा ब्लॉक स्तरीय प्रयोगशालाओं के सुद्ढ़ीकरण पर भी चर्चा हुई।
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