रायपुर: फ्लोरीकल्चर हब प्रोत्साहन योजना से घनश्याम साहू की खेती को मिली नई दिशा, 4.83 हेक्टेयर में उगा रहे फूल और सब्जियां
18 अक्टूबर 2026, रायपुर: रायपुर: फ्लोरीकल्चर हब प्रोत्साहन योजना से घनश्याम साहू की खेती को मिली नई दिशा, 4.83 हेक्टेयर में उगा रहे फूल और सब्जियां – छत्तीसगढ़ सरकार की फ्लोरीकल्चर हब प्रोत्साहन योजना किसानों को पारंपरिक खेती के साथ पुष्प उत्पादन और उद्यानिकी फसलों की ओर प्रोत्साहित कर रही है। योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान कर खेती को अधिक लाभकारी और व्यावसायिक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। राजनांदगांव जिले के ग्राम मोहड़ निवासी कृषक श्री घनश्याम साहू इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं। उन्होंने योजना का लाभ लेकर गेंदा फूल की खेती शुरू की है। इसके साथ ही विभिन्न सब्जियों का उत्पादन कर फसल विविधीकरण को अपनाया है।
4.83 हेक्टेयर भूमि में विभिन्न उद्यानिकी फसलों का उत्पादन
फ्लोरीकल्चर हब प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत किसानों को एक हेक्टेयर क्षेत्र में व्यावसायिक पुष्प उत्पादन के लिए 37 हजार 500 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना से प्रोत्साहित होकर राजनांदगांव विकासखंड के कृषक श्री घनश्याम साहू ने एक हेक्टेयर क्षेत्र में गेंदा फूल की खेती अपनाई है। वर्तमान में वे कुल 4.83 हेक्टेयर भूमि में विभिन्न उद्यानिकी फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। इनमें एक हेक्टेयर में गेंदा फूल, 1.62 हेक्टेयर में खीरा, 0.81 हेक्टेयर में मिर्च, 0.40 हेक्टेयर में कुंदरू और एक हेक्टेयर में लौकी की खेती शामिल है।
सब्जियों की स्थानीय बाजारों में मांग होने से विपणन का बेहतर अवसर
कृषक घनश्याम साहू बताते हैं कि गेंदा फूल की धार्मिक, सामाजिक एवं अन्य आयोजनों में निरंतर मांग बनी रहती है। वहीं खीरा, मिर्च, कुंदरू और लौकी जैसी सब्जियों की स्थानीय बाजारों में नियमित मांग होने से विपणन के बेहतर अवसर मिलते हैं। अलग-अलग फसलों की खेती से किसी एक फसल पर निर्भरता कम होती है और आय के विभिन्न स्रोत विकसित करने में सहायता मिलती है। श्री साहू खेती में आधुनिक उद्यानिकी पद्धतियों को अपनाते हुए भूमि की तैयारी, पौधरोपण, सिंचाई, पोषण प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण तथा कीट एवं रोग प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। उनका मानना है कि स्थानीय जलवायु, उपलब्ध संसाधनों और बाजार की मांग के अनुरूप फसलों का चयन कर खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
फसल विविधीकरण से कृषि उत्पादन में वृद्धि
श्री घनश्याम साहू की सफलता की ओर बढ़ती यह पहल दर्शाती है कि शासन की प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ लेकर किसान पारंपरिक खेती के साथ पुष्प एवं सब्जी उत्पादन को अपनाकर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। फसल विविधीकरण से न केवल कृषि उत्पादन के नए अवसर मिलते हैं, बल्कि किसानों को बाजार की मांग के अनुरूप खेती करने का विकल्प भी मिलता है। कृषक श्री साहू ने फ्लोरीकल्चर हब प्रोत्साहन योजना के तहत मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शासन की ऐसी योजनाएं किसानों को नई फसलें अपनाने और उद्यानिकी खेती के विस्तार के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture


